मिसाल: कश्मीर की बेटियों को फुटबॉल के जरिए सुनहरे भविष्य की दिशा देने में जुटी सीआरपीएफ
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सीआरपीएफ ने घाटी में विशेष रूप से लड़कियों के लिए फुटबाल प्रतियोगिता का आयोजन करवाया। इसमें 250 टीमों ने हिस्सा लिया। आयोजन में अंडर-14 वर्ग में कश्मीर फुटबाल लीग की टीम विजयी रही।
इस वर्ग में हर जिले से 15 से 20 टीमों ने भाग लिया। सीआरपीएफ ने उम्मीद जताई है कि अगले साल 1000 के करीब टीमें इसमें भाग लेंगी। गौरतलब है कि अंडर-14 प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में विजयी टीम को डेढ़ लाख और हारने वाली टीम को 1 लाख रुपये की राशि दी गई।
वहीं लड़कियों की विजेता टीम को 1 लाख और 50 हजार की राशि दी गई है। सीआरपीएफ़ के आईजी (आपरेशन) जुल्फिकार हसन ने बताया कि कश्मीर फुटबाल लीग का यह अंडर-14 टूर्नामेंट था। भविष्य में अंडर-18 भी करवाया जाएगा।
कश्मीरी युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में प्रयास
उन्होने कहा कि अंडर-14 से इसलिए शुरुआत की गई क्यूंकी फुटबाल एक्स्पर्ट्स ने बताया था कि जितनी कम उम्र से फुटबाल सीखा जाए उतना ही खिलाड़ी सीखता है। उन्होने यह भी कहा कि अगर युवाओं का ध्यान खेलकूद की तरफ होगा तो वह पत्थरबाजी, आदि जैसी चीजों से दूर रहेंगे क्यूंकी कुछ लोग ऐसे युवाओं को वरगला कर उन्हे पत्थरबाजी करवाते हैं, प्रदर्शनो में शामिल करवाते हैं। अगर खीलकूद की ओर बच्चों का ध्यान जाएगा तो ऐसी घटनाओं में भी कमी आएगी।
बेटियों को मिला हुनर दिखाने का खास मौका