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महिला की मौत पर जीएमसी में हंगामा
ब्यूरो/अमरउजाला, जम्मू
Updated Mon, 19 Oct 2015 07:07 PM IST
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महिला की मौत पर परिवार वालों ने मेडिकल कालेज अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में जमकर हंगामा किया। बवाल बढ़ता देख आरोपी डाक्टर बाथरूम के कमरे में छुप गए।
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परिवार वालों ने डाक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इंजेक्शन की डोज सही मात्रा में नहीं देने और वेंटिलेटर से वंचित रखने पर मरीज की मौत हुई। उन्होंने शिकायत पुलिस के पास लिखित में की है।
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पुलिस और अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह से मामले को शांत किया। मृतक लक्ष्मी देवी (45) नई बस्ती की रहने वाली थी।
महिला के पति भीम सिंह ने बताया कि तीन दिन पहले वह अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल आए थे। डाक्टरों ने कहा कि उनकी हालत गंभीर है और वेंटिलेटर पर रखना पड़ेगा। लेकिन वेंटिलेटर नहीं दिया गया।
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वह लोग खुद ही पंप करते रहे, ताकि मरीज को सांस लेने में तकलीफ न हो। सोमवार को दो डाक्टरों ने दोपहर को सांस लेने वाली पाइप निकाल दी और कहा कि वह ठीक हैं।
पाइप निकालने के कुछ देर बाद ही सांसें फूलने लगीं। इसके बारे में डाक्टरों को बताया तो उन्होंने दो इंजेक्शन लाने को कहा। वह लोग इंजेक्शन लेकर आए। एक इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही मौत हो गई।
मृतक महिला के पति का कहना है कि डाक्टरों ने मृतक की फाइल भी नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि वह देखना चाहते हैं कि क्या ट्रीटमेंट किया जा रहा था।
इस पर डाक्टर भड़क गए और बाथरूम में जाकर छुप गए। वे लोग आईसीयू में बैठी डाक्टर से मिलने भी गए। जो इलाज कर रही थी, लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं सुना।
मृतक के पति ने यह भी कहा कि डाक्टरों ने कहा कि जाओ जो करना है कर लो, वह कुछ नहीं कर सकते। एसएचओ बख्शी नगर अश्विनी कुमार ने बताया कि मृतक महिला के परिवार वालों ने शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस इस मामले में डाक्टरों और अस्पताल प्रशासन से पूछताछ करेगी और जांच करेगी। यदि कोई भी दोषी पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. रविंद्र रत्न पाल ने कहा कि परिवार वालों की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और इस मामले की जांच की जाएगी। अगर कहीं कोई गलती हुई है, तो दोषियों पर कार्रवाई होगी।