कोर्ट ने नहीं दी अपहरण और दुष्कर्म के आरोपियों को जमानत
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नाबालिग लड़की के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में गिरफ्तार असगर अली की जमानत अर्जी को सिटी जज (जम्मू) संदीप कौर की अदालत ने खारिज कर दिया।
जेएनएफ द्वारा के अनुसार 27 जून, 2014 को पीड़िता के पिता ने सिद्दड़ा पुलिस चौकी में शिकायत की कि 23 और 24 जून की दरमियानी रात को वह अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे।
सुबह जब वह उठे तो पाया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी घर पर नहीं है। 26 जून को उन्हें पता चला कि उस रात असगर अली, पप्पी और मुख्तियार अली उनके घर में घुसे थे और उनकी बेटी का अपहरण कर लिया।
तीन लोगों पर हैं आरोप
पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरपीसी की धारा 363 के तहत मामला दर्ज कर लिया। जांच में लड़की बरामद हो गई और मेडिकल जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ लगे केस में धारा 376 (दुष्कर्म) का मामला भी जोड़ दिया गया।
सीनियर पीओ अंशुमन दुबे की दलीलें सुनने के बाद जज संदीप कौर ने पाया कि केस की कार्यवाही अभी आरंभिक चरण में है। मामले का ट्रायल अभी शुरू होना है। नाबालिग के खिलाफ हुआ अपराध अभी ताजा है और इससे समाज में एक गलत संदेश जा रहा है।
आरोपी को जमानत दिए जाने से वह साक्ष्य और गवाहों को प्रभावित कर सकता है। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज करती है।