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नाबालिग के अपहरण और रेप में 10 साल की सजा

Fri, 10 Feb 2017 12:58 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू Updated Fri, 10 Feb 2017 12:58 AM IST
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10 years punishment to accuses of rape and kidnap
कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई - फोटो : डेमो फोटो

नाबालिग के अपहरण और रेप मामले में प्रिंसिपल सेशन जज रियासी ने आरोपी सुशील कुमार को दस साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सुशील कुमार, वीना देवी और बिट्टू को अपहरण मामले में तीन साल की सजा दी है। 

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पुलिस केस के अनुसार पीड़ित आठ अप्रैल 2011 को लापता हो गई, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके पिता ने नौ अप्रैल को दर्ज कराई। 12 अप्रैल को उन्होंने रिपोर्ट लिखाई कि उनकी 13 साल की बेटी का अपहरण किया गया है।
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इस आधार पर आरपीसी की धारा 363, 109 में मुकदमा कायम किया गया। साथ ही पीड़ित की मेडिकल और बयान के बाद धारा 376 जोड़ा गया। जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में तीन लोगों के खिलाफ चालान पेश किया गया।

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कारावास के साथ आर्थिक जुर्माना भी लगाया

10 years punishment to accuses of rape and kidnap
अदालत ने दी सजा - फोटो : डेमो फोटो

कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कहा कि रेप का दुष्परिणाम मर्डर की तुलना में ज्यादा होता है। मर्डर में आरोपी गवाह को समाप्त कर देता है, जबकि रेप करने वाला मजबूर महिला की आत्मा को। मर्डर के साथ ही उसकी कहानी समाप्त हो जाती है, जबकि रेप पीड़ित की कहानी साथ चलती है।

रेप का आरोप मर्डर की तुलना में सामाजिक, मनोवैज्ञानिक तथा मानसिक दुष्परिणाम न केवल पीड़ित को, बल्कि उसके पूरे परिवार को देता है। कई तरह की कहानियां रेप पीड़िता के लिए बनाई जाती हैं। यह तब भी और भयावह हो जाती है जब कोई 14 साल की आयु पूरी कर रहा हो जो उसके खेलने के दिन छीन लेता है। इस आधार पर इस मामले में किसी भी सूरत में रियायत नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने सुशील कुमार को धारा 376 के आरोप में 10 साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

धारा 363 के आरोप में तीन साल की सजा और 5 हजार रुपये का जुर्माना किया गया। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा होगी। धारा 363 के आरोप में वीना देवी तथा बिट्टू को तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा होगी। 

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