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किसान को शिकायत करना पड़ा महंगा
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अरनिया। क्षेत्र के गांव व्यासपुर परलाह के एक किसान को ट्यूबवेल वर तैनात कर्मी के खिलाफ शिकायत करना महंगा पड़ रहा है। खेतों की सिंचाई के लिए लिफ्ट इरिगेशन की ओर से गांव कोठे परलाह में लगाई गई लिफ्ट का पानी न देने का एक किसान ने वहां तैनात ऑपरेटर पर आरोप लगाया है कि जिस दिन मेरी बारी आती है तो उसी दिन आपरेटर कोई न कोई तकनीकी खराबी का बहाना बना कर टाल देता है, जिससे धान फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है।
व्यासपुर परलाह निवासी पंच दर्शन लाल नामक किसान का कहना है कि हर सोमवार को रात नौ से सवा ग्यारह बजे तक मेरी बारी का समय निर्धारित है। मगर बीते चार पांच सप्ताह से रात के समय वहां तैनात ऑपरेटर हमेशा ही मोटर में किसी तकनीकी खराबी का बहाना बना कर मोटर को बंद करके मेरी बारी का समय निकाल देता है। वहीं हिसाब सोमवार की रात को भी हुआ। जब नौ बजे अपनी बारी का पानी लगाने वहां पहुंचा तो करीब पांच मिनट बाद यह कह कर मोटर बंद कर दिया कि इसकी जैन डोरी खराब हो गई है। इसीलिए इसको बंद करना पड़ेगा। वो तो शुक्र है कि उसके बाद बारिश शुरू हो गई। नहीं तो मेरी धान की फसल सूख ही जाती।
किसान का कहना है कि मेरा कसूर सिर्फ इतना है कि मैंने यहां की गलत कार्यप्रणाली को लेकर विभाग के अधिकारी और मीडिया को बताया था। अमर उजाला ने इसे प्राथमिकता के तौर पर प्रकाशित भी किया था।
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वहीं संबंधित अधिकारी मोहन लाल सैनी का कहना है कि ऑपरेटरों की पहले भी काफी शिकायतें आ चुकी हैं। अब उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसानों की फसल को सूखने से बचाया जा सके।
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व्यासपुर परलाह निवासी पंच दर्शन लाल नामक किसान का कहना है कि हर सोमवार को रात नौ से सवा ग्यारह बजे तक मेरी बारी का समय निर्धारित है। मगर बीते चार पांच सप्ताह से रात के समय वहां तैनात ऑपरेटर हमेशा ही मोटर में किसी तकनीकी खराबी का बहाना बना कर मोटर को बंद करके मेरी बारी का समय निकाल देता है। वहीं हिसाब सोमवार की रात को भी हुआ। जब नौ बजे अपनी बारी का पानी लगाने वहां पहुंचा तो करीब पांच मिनट बाद यह कह कर मोटर बंद कर दिया कि इसकी जैन डोरी खराब हो गई है। इसीलिए इसको बंद करना पड़ेगा। वो तो शुक्र है कि उसके बाद बारिश शुरू हो गई। नहीं तो मेरी धान की फसल सूख ही जाती।
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किसान का कहना है कि मेरा कसूर सिर्फ इतना है कि मैंने यहां की गलत कार्यप्रणाली को लेकर विभाग के अधिकारी और मीडिया को बताया था। अमर उजाला ने इसे प्राथमिकता के तौर पर प्रकाशित भी किया था।
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वहीं संबंधित अधिकारी मोहन लाल सैनी का कहना है कि ऑपरेटरों की पहले भी काफी शिकायतें आ चुकी हैं। अब उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसानों की फसल को सूखने से बचाया जा सके।