उन्माद पर भारी क्रिकेट का क्रेज, कश्मीर में सेना के क्रिकेट टूर्नामेंट में 90 टीमाें का पंजीकरण
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उन्मादी माहौल से इतर घाटी के युवा अब अपनी सामान्य रूटीन के रोमांच में लौटने लगे हैं। कश्मीर हिंसा का चक्र चौथा महीना पूरा करने वाला है। अलगाववादी बंद की मियाद बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। ऐसे में अलगाववादियों के बंद का सामान्य रूटीन पर असर लगातार कम हो रहा है।
बदलते माहौल के बीच घाटी में सेना के दर्जनों नौजवान क्लब (यूथ क्लब) और एक्टिव हो गए हैं। ये क्लब खेल स्पर्धाओं से लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। खास बात है कि सेना के नौजवान क्लबों की गतिविधियाें को घाटी के युवाओं का जबरदस्त रिस्पांस मिल रहा है।
मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के कंगन इलाके में सेना ने कंगन प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू करवाई। पहली बार प्रतियोगिता में 90 टीमों ने पंजीकरण करवा लिया। 1350 खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंच गए हैं। नौजवान क्लबों की अन्य गतिविधियों में भी युवाओं का उत्साह देखने लायक है।
घाटी में सामान्य हो रहे हैं हालात
घाटी में सेना के 70 से ज्यादा नौजवान क्लब सक्रिय हैं। इन क्लबों के माध्यम से रोजगारोन्मुखी कोर्स सहित खेल कौशल सिखाया जाता है। सुंबल में चिनार नौजवान क्लब 12 सप्ताह की अवधि का मार्शल आर्ट प्रशिक्षण कोर्स करवा रहा है। आठ हफ्तों से तीस युवा लगातार प्रशिक्षण ले रहे हैं।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि हिंसा ग्रस्त इलाकों में भी नौजवान क्लबों को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। यह घाटी में तेजी से सामान्य हो रहे हालात को दर्शा रहे हैं। कश्मीर जोन पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के अनुसार जुलाई और सितंबर में रोजाना औसतन 50 के करीब प्रदर्शन और पथराव की घटनाएं हो रही थीं।
वर्तमान में छोटे पैमाने की इक्का दुक्का घटना ही हो रही है। एहतियातन कुछ इलाकाें में सुरक्षा बलों की तैनाती और पाबंदियां हैं लेकिन ज्यादातर इलाकों में सामान्य दिनों सी चहल पहल है।