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Jammu News: दुष्कर्म और ब्लैकमेल मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज
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जम्मू। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सोमवार को किरयानी तालाब (नरवाल) के आबिद लतीफ की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका पुलिस स्टेशन बिश्नाह में गंभीर अपराध के लिए दर्ज एफआईआर के संबंध में दायर की गई थी।
अमरजीत सिंह लंगेह की अध्यक्षता की पीठ ने कहा कि पीड़िता के बयान के साथ ही जांच में प्रथम दृष्टया यौन उत्पीड़न, धमकी, पीछा करना और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। डिजिटल डिवाइस व इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन वसूली गई अन्य संपत्ति की बरामदगी के लिए हिरासत में पूछताछ करना आवश्यक है।
अभियोजन पक्ष ने आरोपी पर सोशल मीडिया पर महिला से दोस्ती करने, बाद में उस पर हमला और फोटो/वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया। कोर्ट ने यह भी कहा कि पहचान और वैवाहिक स्थिति छिपाने तथा पीड़िता को लुभाने के लिए धोखे के आरोप समाज के लिए घातक हो सकते हैं। इन्हें जमानत के स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आरोपों की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर दिया। इससे जांच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और पीड़िता को डराया जा सकता है। जेएनएफ
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अमरजीत सिंह लंगेह की अध्यक्षता की पीठ ने कहा कि पीड़िता के बयान के साथ ही जांच में प्रथम दृष्टया यौन उत्पीड़न, धमकी, पीछा करना और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। डिजिटल डिवाइस व इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन वसूली गई अन्य संपत्ति की बरामदगी के लिए हिरासत में पूछताछ करना आवश्यक है।
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अभियोजन पक्ष ने आरोपी पर सोशल मीडिया पर महिला से दोस्ती करने, बाद में उस पर हमला और फोटो/वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया। कोर्ट ने यह भी कहा कि पहचान और वैवाहिक स्थिति छिपाने तथा पीड़िता को लुभाने के लिए धोखे के आरोप समाज के लिए घातक हो सकते हैं। इन्हें जमानत के स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आरोपों की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर दिया। इससे जांच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और पीड़िता को डराया जा सकता है। जेएनएफ
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