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Jammu News: पुलिसकर्मी को 18 वर्ष बाद मिली हत्या मामले में जमानत
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कोट भलवाल जेल में बंद है आरोपी बंसी लाल
जम्मू। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक पुलिसकर्मी को 18 वर्ष बाद हत्या मामले में जमानत दी है। पुलिसकर्मी बंसी लाल 18 वर्ष से कोट भलवाल जेल में बंद है, जिस पर आरोप है कि उसने एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या की और उसे आतंकी बताया। न्यायाधीश अतुल श्रीधरन ने मामले पर सुनवाई करते हुए बंसी को जमानत दी।
न्यायाधीश ने कहा कि यह देर से सुनवाई के कारण अनुच्छेद 21 के उल्लंघन का स्पष्ट मामला है। मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। बंसी लाल ने अपने वकील के माध्यम से जमानत के लिए आवेदन किया था। वकील ने दलील दी कि वह लगभग 18 वर्षों से न्यायिक हिरासत में है। बंसी को इस मामले में कभी राहत नहीं दी गई, सिवाय कुछ महीनों के जब वह अंतरिम जमानत पर बाहर था। न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में कुल 72 गवाह हैं, जिनमें से पिछले 17 वर्षों में केवल 28 की ही जिरह हुई। अदालत इस मामले के तथ्यों से चकित है। अभियोजन पक्ष के गवाहों के स्तर पर मुकदमे में देरी हो रही है। राज्य यह दिखाने में असमर्थ है कि देरी के लिए आवेदक को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। लिहाजा उसे तुरंत जमानत दी जाए। इसके लिए 50 हजार बांड भरने के लिए कहा।
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक पुलिसकर्मी को 18 वर्ष बाद हत्या मामले में जमानत दी है। पुलिसकर्मी बंसी लाल 18 वर्ष से कोट भलवाल जेल में बंद है, जिस पर आरोप है कि उसने एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या की और उसे आतंकी बताया। न्यायाधीश अतुल श्रीधरन ने मामले पर सुनवाई करते हुए बंसी को जमानत दी।
न्यायाधीश ने कहा कि यह देर से सुनवाई के कारण अनुच्छेद 21 के उल्लंघन का स्पष्ट मामला है। मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। बंसी लाल ने अपने वकील के माध्यम से जमानत के लिए आवेदन किया था। वकील ने दलील दी कि वह लगभग 18 वर्षों से न्यायिक हिरासत में है। बंसी को इस मामले में कभी राहत नहीं दी गई, सिवाय कुछ महीनों के जब वह अंतरिम जमानत पर बाहर था। न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में कुल 72 गवाह हैं, जिनमें से पिछले 17 वर्षों में केवल 28 की ही जिरह हुई। अदालत इस मामले के तथ्यों से चकित है। अभियोजन पक्ष के गवाहों के स्तर पर मुकदमे में देरी हो रही है। राज्य यह दिखाने में असमर्थ है कि देरी के लिए आवेदक को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। लिहाजा उसे तुरंत जमानत दी जाए। इसके लिए 50 हजार बांड भरने के लिए कहा।
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