फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu: Bail to former chairman of Jammu Kashmir Cooperative Bank in loan scam of Rs 233 crore.

जम्मू: 233 करोड़ के ऋण घोटाले में J&K सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष को जमानत, 11 सप्ताह पहले हुई थी गिरफ्तारी

Thu, 15 Feb 2024 04:28 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Thu, 15 Feb 2024 04:28 PM IST
सार

उच्च न्यायालय ने 233 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में जम्मू-कश्मीर सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद शफी डार को गिरफ्तारी के 11 सप्ताह के बाद जमानत दे दी।

विज्ञापन
Jammu: Bail to former chairman of Jammu Kashmir Cooperative Bank in loan scam of Rs 233 crore.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : file photo

विस्तार

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने 233 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में बुधवार को जम्मू-कश्मीर सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद शफी डार को गिरफ्तारी के 11 सप्ताह के बाद जमानत दे दी।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति राहुल भारती की पीठ ने डार की जमानत याचिका पर एक माह तक फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनवाई के दौरान पाया कि शफी डार वर्ष 2020 से जम्मू-कश्मीर राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष नहीं हैं। ऐसे में वह संबंधित मामले को किसी प्रकार प्रभावित नहीं कर सकते। 
विज्ञापन


इसके अलावा अदालत ने कहा, डार की बीमारी भी उसे जमानत देने का एक आधार है। अदालत ने कहा, याचिकाकर्ता (डार) 63 साल के व्यक्ति हैं और जीवन के इस चरण में हिरासत के दौरान स्वास्थ्य संबंधी किसी भी स्थिति को नजरअंदाज किया गया तो जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने कहा, याचिकाकर्ता के स्वास्थ्य से जुड़े कागजात इस बात के लिए पर्याप्त हैं कि डार को हृदय संबंधी जटिलता है। जिसका याचिकाकर्ता व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकार का प्रयोग करते हुए अपने सर्वोत्तम संसाधनों और विवेक से इसका इलाज करा सकता है। इस प्रकार सरकार पर हिरासत में याचिकाकर्ता की चिकित्सकीय देखभाल का बोझ भी नहीं पड़ेगा।

10-10 लाख के जमानत बांड भरने के आदेश

जमानत देते हुए अदालत ने डार को निर्देश दिया कि वह संबंधित जेल अधीक्षक की संतुष्टि के लिए दस लाख रुपये का निजी बांड और रजिस्ट्रार न्यायिक, श्रीनगर की संतुष्टि के लिए इतनी ही राशि के दो जमानती बांड जमा करे। उच्च न्यायालय। अदालत ने कहा, “याचिकाकर्ता (डार) कारण बताते हुए इस आशय का आवेदन देकर उक्त अदालत से उचित अनुमति के बिना विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक (सीबीआई मामले) श्रीनगर के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र को नहीं छोड़ेगा। संबंधित मामले के संबंध में जब भी ईडी या विशेष अदालत या प्राधिकरण द्वारा बुलाया जाएगा तो डार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए बाध्य होंगे।


कॉलोनी विकसित करने के लिए लिया था ऋण

श्रीनगर के शिवपोरा में स्थित 300 कनाल भूमि पर एक हाउसिंग कॉलोनी को विकसित करने के लिए रिवर झेलम कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी के नाम से एक कथित पंजीकृत सहकारी समिति, तीन सौ करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त करने के उद्देश्य से एक आवेदन के साथ जम्मू-कश्मीर सहकारी बैंक श्रीनगर से संपर्क करने आई थी। अदालत ने कहा कि कथित तौर पर 25 अप्रैल 2019 को रिवर झेलम कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी को दो सौ तैंतीस करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed