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ठगी करने वाले दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
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जम्मू। वीजा दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो आनलाइन ठगों की जमानत अर्जी को जम्मू सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दिया। दोनों आरोपी नशेड़ी भी हैं और नशे के लिए ठगी करते थे।
सीजेएम जम्मू अमरजीत सिंह ने कहा कि उक्त आरोपियों को यदि छोड़ दिया गया, तो यह लोग जांच को बाधित कर सकते हैं। क्योंकि अभी इस मामले की जांच चल रही है। जिस तरह का तरीका इन लोगों ने अपनाया है, उसकी समाज में कोई जगह नहीं है। दोनों पर अपराध का केस गैर जमानती भी है। लिहाजा जमानत नहीं दी जा सकती।
श्रीनगर के रहने वाले मोहम्मद ताहिर खान और इरशाद अहमद खान पर 7 लाख रुपये की ठगी का केस है। इन लोगों ने खुद को फर्जी फोन काल करके पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। दुबई में वर्क वीजा देने के नाम पर ठगी की। अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए इनके बैंक खातों में पैसा जमा किया गया। दोनों के खिलाफ सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि इनके खिलाफ सबूत और खासकर इलेक्ट्रानिक सबूत साफ बताते हैं कि कैसे इन लोगों ने ठगी की। यह दोनों आदतन नशेड़ी भी हैं। एक सोची समझी साजिश के तहत ठगी को अंजाम दिया गया। लिहाजा इनको जमानत नहीं दी जाएगी।
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सीजेएम जम्मू अमरजीत सिंह ने कहा कि उक्त आरोपियों को यदि छोड़ दिया गया, तो यह लोग जांच को बाधित कर सकते हैं। क्योंकि अभी इस मामले की जांच चल रही है। जिस तरह का तरीका इन लोगों ने अपनाया है, उसकी समाज में कोई जगह नहीं है। दोनों पर अपराध का केस गैर जमानती भी है। लिहाजा जमानत नहीं दी जा सकती।
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श्रीनगर के रहने वाले मोहम्मद ताहिर खान और इरशाद अहमद खान पर 7 लाख रुपये की ठगी का केस है। इन लोगों ने खुद को फर्जी फोन काल करके पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। दुबई में वर्क वीजा देने के नाम पर ठगी की। अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए इनके बैंक खातों में पैसा जमा किया गया। दोनों के खिलाफ सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि इनके खिलाफ सबूत और खासकर इलेक्ट्रानिक सबूत साफ बताते हैं कि कैसे इन लोगों ने ठगी की। यह दोनों आदतन नशेड़ी भी हैं। एक सोची समझी साजिश के तहत ठगी को अंजाम दिया गया। लिहाजा इनको जमानत नहीं दी जाएगी।
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