कठुआः क्वारंटीन सेंटर में मौत के बाद जागा प्रशासन, जानिए कोरोना एसओपी में क्या बदलाव किए गए?
कठुआ में स्थानीय क्वारंटीन सेंटर में रविवार को हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद प्रशासन ने एसओपी में अहम बदलाव किए हैं। जिला सचिवालय में विभिन्न क्वारंटीन सेंटरों और कोविड -19 के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक में जिला मजिस्ट्रेट ओपी भगत ने बताया कि अब क्वारंटीन किए जाने वाले व्यक्ति की सैंपलिंग उसी दिन की जाएगी। इसे सुनिश्चित किए जाने की जिम्मेदारी सीएमओ कठुआ को सौंपी गई है।
उन्होंने बताया कि सीएमओ कठुआ यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी नए व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंध में दिक्कत होने पर तुरंत उसे मेडिकल कॉलेज भेजा जाए। मेडिकल कॉलेज कठुआ के प्रधानाचार्य एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे जो रेफर किए गए व्यक्ति पर विशेष ध्यान देगा। क्वारंटीन सेंटर से रेफर किसी भी व्यक्ति की जांच, प्रबंधन के साथ ही उसे घर में क्वारंटीन किए जाने पर भी फैसला लेगा। यह भी सुनिश्चित करेगा कि मेडिकल कॉलेज आने वाले आश्रितों के उसी दिन सैंपल और स्क्रीनिंग भी हों।
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वहीं क्वारंटीन सेंटर के सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आश्रित की ओर से किसी भी तरह की दिक्कत बताए जाने पर इसकी जानकारी फौरी तौर पर संबंधित अधिकारी को दी जाए। इसमें खान, पान, स्वास्थ्य से लेकर अन्य समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने को कहा गया है। बिजली और जलशक्ति विभाग के अफसरों को क्वारंटीन सेंटरों में निर्बाध बिजली और पानी उपलब्ध करवाने को कहा गया है।
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जिला मेजिस्ट्रेट ने कैटरिंग कमेटी को आश्रितों को उपलब्ध करवाए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कठुआ और नगर कमेटी के कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्वारंटीन सेंटरों की साफ सफाई, सेनिटाइजेशन और शौचालयों को सुनिश्चित करने के लिए कर्मियों को नियमित तैनात करें।
रविवार को हुई थी एक की मौत
रविवार को कठुआ के एक क्वारंटीन सेंटर में एक व्यक्ति ने संदिग्ध परिस्थियितों में दम तोड़ दिया था। उनके भाई के साथ साथ अन्य लोगों ने बीमार होने की स्थिति में भी उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न होने के साथ ही क्वारंटीन सेंटर की बदहाली के आरोप लगाए थे। इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच चल रही है।