Coronavirus in Jammu Kashmir: संक्रमण के संदेह पर होंगे रैपिड टेस्ट, आधे घंटे में आएगी रिपोर्ट
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कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अब ताबड़तोड़ टेस्ट किए जाएंगे। उपराज्यपाल प्रशासन के पास जल्द ही रैपिड टेस्ट किट पहुंच जाएंगी। इसके साथ ही प्रदेश के क्लस्टर, हॉट स्पॉट और रेड जोन क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा लोगों के सैंपल लेकर कोरोना वायरस की जांच की जाएगी। किसी धार्मिक अथवा अन्य स्थल पर ज्यादा लोगाें की मौजूदगी को क्लस्टर माना जाएगा।
स्वास्थ्य विभागाें की टीमें सूचना मिलने पर फौरन रैपिड टेस्ट करेंगी। इसी तरह से हॉट स्पॉट और रेड जोन घोषित क्षेत्र में ज्यादातर लोगाें के टेस्ट किए जाएंगे। रैपिड टेस्ट किट के इंतजार के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अपनी टीमों को भी तैयार कर लिया है। अभी तक जीएमसी सहित अन्य सरकारी स्तर की लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट किया जा रहा है।
कलस्टर क्षेत्र उस श्रेणी में आते हैं जहां एक समूह में अधिक संख्या में लोग इकट्ठे होकर रह रहे हैं। ये कोई धार्मिक स्थल आदि हो सकते हैं। दिल्ली के निजामुद्दीन की तर्ज पर ऐसे कलस्टर स्थलों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंचकर कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के रैपिड टेस्ट करती हैं।
इस टेस्ट में पीड़ित के खून का सैंपल लिया जाता है
इस टेस्ट में पीड़ित के खून का सैंपल लिया जाता है और इसकी आधे घंटे के भीतर रिपोर्ट आ जाती है। ऐसे समूह वाले स्थानों पर रैपिड टेस्ट से कोरोना संक्रमित मरीजों की तत्काल स्क्रीनिंग करने में मदद मिलती है। इसी तरह हॉट स्पॉट वे स्थान होते हैं जहां कम अवधि में तेजी से कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। इन जगहों पर भी मौके पर पहुंचकर संदिग्ध मरीजों के रैपिड टेस्ट करके उनकी पहचान की जाती है।
इस टेस्ट से प्राइमरी स्तर पर यह लाभ मिलता है कि सभी संदिग्धों को अस्पताल तक आने की जरूरत नहीं होती है। स्वास्थ्य विभाग रैपिड टेस्ट के लिए योजना तैयार कर रहा है। इसमें विभिन्न टीमों का गठन करना प्रस्तावित है, जो कलस्टर और हॉट स्पॉट स्थानों पर रैपिड टेस्ट को अंजाम देंगी। रैपिड टेस्ट के लिए भारत को पांच लाख किट मिल चुकी हैं, जिनमें जम्मू कश्मीर प्रदेश को भी किट भेजी जाएंगी।