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कोरोनावायरस: जम्मू-सांबा जिले में सभी प्राइमरी स्कूल 31 मार्च तक बंद, बायोमैट्रिक अटेंडेंस पर भी रोक
Sat, 07 Mar 2020 10:08 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 07 Mar 2020 10:08 AM IST
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रोहित कंसल
- फोटो : ANI
कोरोनावायरस के खौफ के चलते जम्मू और सांबा के सभी प्राथमिक स्कूल 31 मार्च तक तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए गए हैं। साथ ही जम्मू-कश्मीर में सभी बायोमेट्रिक उपस्थिति को 31 मार्च तक तुरंत निलंबित कर दिया गया है। इसकी पुष्टि प्रिंसिपल सेक्रेटरी रोहित कंसल ने की है।
वहीं, जम्मू-कश्मीर में कोरोना के दो संदिग्ध रोगियों की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव होने की आशंका है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार दोनों मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
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यह दोनों इटली और साउथ कोरिया से होकर लौटे हैं और दोनों में कोरोना वायरस के लक्षण मिले हैं। दोनों के सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है।इन्हें बुधवार दोपहर को जीएमसी के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था, लेकिन रात को दोनों मरीज अपने घरों को चले गए। इस बात की सूचना मिलने पर अस्पताल प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और प्रशासन को सूचना दी गई। जिसके बाद पुलिस की मदद से दोनों के घरों पर जाकर उन्हें वापस आइसोलेशन वार्ड में लाया गया।
यह एहतियात इसलिए बरता गया कि अगर दोनों में से कोई भी पॉजिटिव होता है तो वह समाज में संक्रमण न फैला सके। हालांकि अभी तक जम्मू और कश्मीर में कोई भी पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है।
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Rohit Kansal, #JammuAndKashmir Principal Secretary (Planning): All primary schools in Jammu and Samba districts of J&K to be closed till March 31 with immediate effect. All biometric attendance in J&K to be suspended immediately till March 31. (file pic) #CoronaVirus pic.twitter.com/uoufizTIvM
— ANI (@ANI) March 7, 2020विज्ञापन
वहीं, जम्मू-कश्मीर में कोरोना के दो संदिग्ध रोगियों की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव होने की आशंका है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार दोनों मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
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कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। क्योंकि इससे इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। एक मशीन के जरिए उपस्थिति लगाने से यदि किसी में कोरोना के लक्षण हुए तो दूसरों में भी यह वायरस फैल सकता है।J&K Govt: Test reports of the 2 suspected patients from Jammu received.High probability of testing positive. Both kept in isolation and are stable. The two had left the hospital against medical advice and had to be brought back. #Coronavirus pic.twitter.com/xTWzku29Qx
— ANI (@ANI) March 7, 2020
कोरोनावायरसः अस्पताल में भर्ती दो संदिग्ध मरीज बिना बताए चले गए घर
वहीं, जीएमसी जम्मू के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना वायरस के दो संदिग्ध मरीज बिना किसी को बताए अपने घर चले गए। जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। इसके बाद बुधवार देर रात पुलिस की मदद से उनके घर से वापस लाया गया था।यह दोनों इटली और साउथ कोरिया से होकर लौटे हैं और दोनों में कोरोना वायरस के लक्षण मिले हैं। दोनों के सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है।इन्हें बुधवार दोपहर को जीएमसी के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था, लेकिन रात को दोनों मरीज अपने घरों को चले गए। इस बात की सूचना मिलने पर अस्पताल प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और प्रशासन को सूचना दी गई। जिसके बाद पुलिस की मदद से दोनों के घरों पर जाकर उन्हें वापस आइसोलेशन वार्ड में लाया गया।
यह एहतियात इसलिए बरता गया कि अगर दोनों में से कोई भी पॉजिटिव होता है तो वह समाज में संक्रमण न फैला सके। हालांकि अभी तक जम्मू और कश्मीर में कोई भी पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है।
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इससे पहले देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के खौफ के चलते एक बड़े सरकारी अस्पताल में डॉक्टर बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर हाजिरी नहीं देंगे। यहां काम करने वाले चिकित्सक अगले कुछ दिनों तक रजिस्टर पर साइन करने के बाद ड्यूटी पर जाएंगे। दिल्ली सरकार के महर्षि वाल्मीकि अस्पताल प्रबंधन ने लिखित आदेश भी जारी कर दिया है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार कोरोना वायरस के चलते डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ खौफ में हैं। इस वजह से डॉक्टर हाजिरी के लिए अपने अंगूठे को मशीन पर लगाने से कतरा रहे हैं। इनका मानना है कि वायरस हाथों से होता हुआ मुंह और नाक के संपर्क में आने के बाद व्यक्ति को बीमार बनाता है। इसलिए वे अंगूठा मशीन में नहीं लगाएंगे।