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कोरोना महामारी में अनूठी मिसालें पेश कर रहे कोरोना योद्धा
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जम्मू। कोरोना महामारी के बीच सरकार ने क्वारंटीन सुविधा मेें एक प्रगतिशील कदम उठाया है। अब तक क्वारंटीन केंद्रों में हजारों लोगों को निगरानी में रखा जा चुका है। वहीं, कोविड देखभाल में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई कोरोना योद्धाओं ने आगे आकर मानव सेवा में अनूठी मिसालें पेश की हैं। ऐसी ही एक मिसाल पेश की है डॉ. नैंसी शर्मा ने, जिनकी इसी वर्ष फरवरी माह में शादी हुई है। इसके बाद कोरोना महामारी ने भारत में पैर पसारे तो डॉ. नैंसी दो परिवारों की आशाओं और आशीर्वाद को साथ लिए घर से निकलकर सीडी कोविड अस्पताल में ड्यूटी देने पहुंच गईं। यहां वह अप्रैल माह में कोविड मरीजों की देखभाल में जुटी रहीं।
डॉ. शर्मा ने बताया कि ड्यूटी के बाद 14 दिन क्वारंटीन रहना पड़ता है। रिपोर्ट आने से पहले की रात, न तो मरीज और न ही डॉक्टर सो सकते थे। जम्मू जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों को छह अस्पतालों में आइसोलेशन सुविधा दी जा रही है। बिना लक्षण वाले लोगों को 12 विभिन्न स्थानों पर क्वारंटीन सुविधा दी जा रही है। किश्तवाड़ में क्वारंटीन क्षमता 2,809 और आइसोलेशन क्षमता 9 है। 14 मई तक 2,367 लोगों को निगरानी में रखा गया है। कठुआ में क्वारंटीन क्षमता 6,832 है और यहां 6,234 लोगों को निगरानी में लिया जा चुका है। पुंछ जिले में 75 क्वारंटीन केंद्रों में 3,800 बेड की क्षमता है और 4,624 लोगों को निगरानी में लिया गया है। राजोरी में 121 केंद्रों में 5,488 क्वारंटीन बेड की क्षमता है और यहां 4,250 लोगों को निगरानी पर रखा गया है। डोडा में 1,791 लोग क्वारंटीन किए गए हैं। सांबा में 15 क्वारंटीन केंद्रों में 2,720 बेड की क्षमता है और यहां 1,697 लोग क्वारंटीन किए गए हैं। उधमपुर में 59 क्वारंटीन केंद्रों में 4,660 बेड की क्षमता है और यहां 2,492 लोग निगरानी में लिए गए हैं।
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डॉ. शर्मा ने बताया कि ड्यूटी के बाद 14 दिन क्वारंटीन रहना पड़ता है। रिपोर्ट आने से पहले की रात, न तो मरीज और न ही डॉक्टर सो सकते थे। जम्मू जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों को छह अस्पतालों में आइसोलेशन सुविधा दी जा रही है। बिना लक्षण वाले लोगों को 12 विभिन्न स्थानों पर क्वारंटीन सुविधा दी जा रही है। किश्तवाड़ में क्वारंटीन क्षमता 2,809 और आइसोलेशन क्षमता 9 है। 14 मई तक 2,367 लोगों को निगरानी में रखा गया है। कठुआ में क्वारंटीन क्षमता 6,832 है और यहां 6,234 लोगों को निगरानी में लिया जा चुका है। पुंछ जिले में 75 क्वारंटीन केंद्रों में 3,800 बेड की क्षमता है और 4,624 लोगों को निगरानी में लिया गया है। राजोरी में 121 केंद्रों में 5,488 क्वारंटीन बेड की क्षमता है और यहां 4,250 लोगों को निगरानी पर रखा गया है। डोडा में 1,791 लोग क्वारंटीन किए गए हैं। सांबा में 15 क्वारंटीन केंद्रों में 2,720 बेड की क्षमता है और यहां 1,697 लोग क्वारंटीन किए गए हैं। उधमपुर में 59 क्वारंटीन केंद्रों में 4,660 बेड की क्षमता है और यहां 2,492 लोग निगरानी में लिए गए हैं।
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