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सामाजिक दूरी नजरअंदाज, बिना मास्क घूम रहे लोग
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जम्मू। प्रदेश सहित जम्मू शहर में कोरोना ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रोजाना काफी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही ओमिक्रॉन ने भी दस्तक दे दी है, लेकिन लोगों का लापरवाह रवैया कोरोना के खतरे को और बढ़ा रहा है। न तो सामाजिक दूरी के नियम का पालन हो रहा है और न ही लोग मास्क पहन रहे हैं। इससे स्थिति गंभीर होती जा रही है।
शहर के सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की भीड़ कम नहीं हो रही है। कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। कोटभलवाल, अंब गड़ोटा, केरी राबता आदि दूरदराज के रूट पर चलने वाली गाड़ियों में सवारियां ठूंस-ठूंस कर भरी जा रही हैं। अस्पतालों, दुकानों और अन्य स्थानों पर हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
शहर के बीसी रोड, ज्यूल चौक, मुबारक मंडी, शालामार रोड, जैन बाजार, डोगरा चौक, नरवाल, शास्त्री नगर और गांधी नगर आदि स्थानों पर लोग बिना मास्क को घूम रहे हैं। ठंड के मौसम के चलते लोग खरीदारी के लिए ज्यादा उत्सुक रहते हैं। रेहड़ी फड़ियों पर सामान सस्ता मिलने के कारण लोग सड़कों पर सामान खरीदने के लिए एकत्रित होते हैं। हालांकि सरकार की ओर से कोविड नियमों पालन करने के सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन लोगों का लापरवाह रवैया जा रही है। बीसी रोड पर जूते, जैकेट खरीदते हुए रेहड़ी पर युवा मुराद अली, शेख महमद, तसलीम अहमद ने बताया कि मामलों में बढ़ौतरी होने का कारण लोग गंभीर नहीं हैं। डोगरा चौक पर एक दुकानदार ने बताया कि सरकार को लोग लॉकडाउन लगाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। बिश्नाह जानी वाली एक मेटाडोर के परिचालक सुनील कुमार ने बताया कि दो दिन से प्रशासन की ओर से सख्ती बरती जा रही है। ओवरलोड करने पर चालान किए जा रहा हैं। नरवाल जाने वाली एक मेटाडोर के चालक आशिक हुसैन ने बताया कि कम सवारियां भरने से तेल का खर्चा भी नहीं निकल रहा है। लॉकडाउन लगने पर स्थिति अधिक खराब होने वाली है। परिवार को पालना मुश्किल होगा।
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बस स्टैंड पर फल बेचने वाले युवा रोहित ने बताया कि सरकार ने पहले लोगों पर नियंत्रण नहीं किया। अब अचानक मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं। अब माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने की तैयारियां चल रही हैं। पहली दो लहरों की तरह पूर्ण लाकडाउन की भी घोषणा की जाएगी। गरीब लोगों के लिए जीना मुहाल होगा। पहले ही दो सालों से गरीब लोगों का बजट बिगड़ गया है। दो वख्त की रोटी भी मुश्किल हो जाएगी। सरकार और लोगों दोनों को एक दूसरे का सहयोग करने की जरूरत है।
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शहर के सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की भीड़ कम नहीं हो रही है। कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। कोटभलवाल, अंब गड़ोटा, केरी राबता आदि दूरदराज के रूट पर चलने वाली गाड़ियों में सवारियां ठूंस-ठूंस कर भरी जा रही हैं। अस्पतालों, दुकानों और अन्य स्थानों पर हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
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शहर के बीसी रोड, ज्यूल चौक, मुबारक मंडी, शालामार रोड, जैन बाजार, डोगरा चौक, नरवाल, शास्त्री नगर और गांधी नगर आदि स्थानों पर लोग बिना मास्क को घूम रहे हैं। ठंड के मौसम के चलते लोग खरीदारी के लिए ज्यादा उत्सुक रहते हैं। रेहड़ी फड़ियों पर सामान सस्ता मिलने के कारण लोग सड़कों पर सामान खरीदने के लिए एकत्रित होते हैं। हालांकि सरकार की ओर से कोविड नियमों पालन करने के सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन लोगों का लापरवाह रवैया जा रही है। बीसी रोड पर जूते, जैकेट खरीदते हुए रेहड़ी पर युवा मुराद अली, शेख महमद, तसलीम अहमद ने बताया कि मामलों में बढ़ौतरी होने का कारण लोग गंभीर नहीं हैं। डोगरा चौक पर एक दुकानदार ने बताया कि सरकार को लोग लॉकडाउन लगाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। बिश्नाह जानी वाली एक मेटाडोर के परिचालक सुनील कुमार ने बताया कि दो दिन से प्रशासन की ओर से सख्ती बरती जा रही है। ओवरलोड करने पर चालान किए जा रहा हैं। नरवाल जाने वाली एक मेटाडोर के चालक आशिक हुसैन ने बताया कि कम सवारियां भरने से तेल का खर्चा भी नहीं निकल रहा है। लॉकडाउन लगने पर स्थिति अधिक खराब होने वाली है। परिवार को पालना मुश्किल होगा।
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बस स्टैंड पर फल बेचने वाले युवा रोहित ने बताया कि सरकार ने पहले लोगों पर नियंत्रण नहीं किया। अब अचानक मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं। अब माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने की तैयारियां चल रही हैं। पहली दो लहरों की तरह पूर्ण लाकडाउन की भी घोषणा की जाएगी। गरीब लोगों के लिए जीना मुहाल होगा। पहले ही दो सालों से गरीब लोगों का बजट बिगड़ गया है। दो वख्त की रोटी भी मुश्किल हो जाएगी। सरकार और लोगों दोनों को एक दूसरे का सहयोग करने की जरूरत है।