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'कुछ भी खाने का संवैधानिक अधिकार सभी को है'

Wed, 28 Oct 2015 08:46 PM IST
Updated Wed, 28 Oct 2015 08:46 PM IST
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constitution allows a person to eat whatever he wants, says mehbooba mufti

बुधवार को आयोजित एक समारोह में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने समाज कल्याण विभाग की आसरा और लाडली बेटी योजना को लागू किया। उन्होंने कहा कि देश में कुछ चंद लोग धर्म के नाम पर समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अवार्ड वापस करने वाले मामले में अधिकतर हिंदू थे।

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महंगाई के दौर में लोगों के लिए दाल खाना मुश्किल हो रहा है और कुछ लोग बीफ मामले पर बहस कर रहे हैं। सरकार को सड़क, पानी, तालीम और रोजगार देने पर काम करना चाहिए।
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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पीओके रिफ्यूजियों का वन टाइम सेटलमेंट होगा। इस पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। पिछले कई वर्षों से रिफ्यूजियों को अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है।
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किसी भी धर्म में कुछ भी खाने का संवैधानिक अधिकार है, बशर्ते उसे किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाते हुए घर के भीतर खाया जाए। देश में दंगा फसाद करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

कश्मीर और जम्मू की समस्याएं अलग-अलग हैं

constitution allows a person to eat whatever he wants, says mehbooba mufti

उधमपुर पेट्रोल बम हमले के मामले में दोषियों पर पीएसए के साथ दफा 302 लगाकर सरकार ने साफ कर दिया है कि हालात खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। रियासत और मुल्क को खुशहाल बनाने के लिए बेटियों को मजबूत बनाना होगा।

कश्मीर और जम्मू की समस्याएं अलग-अलग हैं। भाजपा और पीडीपी के जुड़ने का फैसला मुश्किल था। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने अवाम की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए काम किया है।

बेटियों को खाली लक्ष्मी नहीं बनाना होगा बल्कि उन्हें तालीम के लिए सरस्वती और अधिकारों के लिए लड़ने को मां दुर्गा का स्वरूप भी देना होगा। बेटियों के रोजगार के लिए कौशल विकास पर काम किया जाए।

आज दुनिया में अफरातफरी का माहौल है। अमेरिका में आतंकवाद से कम और स्कूलों में बच्चों की गोलियों से अधिक मौतें हो रही हैं। दुनिया में शांति लाने के लिए घर से जननी का रूप महिला को सम्मान देना होगा।

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