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सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने आए थे आतंकी, निशाने पर था सेना का आयुध भंडार

Wed, 30 Nov 2016 01:29 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू Updated Wed, 30 Nov 2016 01:29 PM IST
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CONSPIRACY BEHIND THE NAGROTA ATTACK
NAGROTA - फोटो : File Photo
यह महज संयोग नहीं है कि आतंकियों ने बड़े फिदायीन हमले के लिए ठीक वही दिन चुना जिस दिन पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष और भारतीय सेना के नार्दन कमांडर की विदाई हो रही थी। फिदायीन हमले के कारण नार्दन कमांडर डी एस हुड्डा की विदाई में आयोजित चाय पार्टी रद कर दी गई।
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पाकिस्तान पोषित आतंकियों ने सर्ज्रिकल स्ट्राइक के बदले की साजिश रची थी जिसे नाकाम कर दिया है। आतंकियों के निशाने पर सेना के 16वीं कोर के मुख्यालय के आयुध भंडार था। इस भंडार में मिसाइलें, तोपें और अन्य आधुनिक हथियारों का भंडारण है जो सेना को नियंत्रण रेखा पर प्रभुत्व बनाए की शक्ति देता है। 
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16वीं कोर के इसी आयुध भंडार से एलओसी के राजोरी, पुंछ से लेकर कुपवाड़ा तक के सभी सेक्टर कवर होते हैं। डोडा के इलाके में सेना को हथियारों और उपकरणों की आपूर्ति का भी यही सबसे बड़ा केंद्र है। आतंकी संगठन इस आयुध भंडार को ध्वस्त कर बड़ी तबाही मचाना चाहते थे लेकिन सेना के जवानों की बहादुरी से साजिश नाकाम हो गई।
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आयुध भंडार के पास है घनी आबादी वाला इलाका

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ऑपरेशन के दौरान सेना के जवान - फोटो : File Photo

इस आयुध भंडार वाली 166 यूनिट से सटे घनी आबादी है। आतंकी से आयुध भंडार महज 200 मीटर दूर रह गया था। थोड़ी सी चूक बड़ी तबाही का कारण बन सकती थी। आतंकियों हमले के लिए जिस स्थान को चुना वह 16वीं कोर के मुख्यालय और जीओसी के आवास के बेहद करीब है। 

मछेल सेक्टर में भारतीय सैनिक के शव को क्षत विक्षत किए जाने के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की अग्रिम चौकियों को तबाह किया था। पुंछ के भिम्बर सेक्टर में भी भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई सैनिक ढेर किए थे।

सर्जिकल स्ट्राइक में भी सेना ने इसी बेस से पाक में आतंकियों के लाचिंग पैड को ध्वस्त किया था। सेना के सूत्रों के मुताबिक संभव है कि पाकिस्तानी सेना ने एलओसी पर भारतीय सेना की मजबूत स्थिति को कमजोर करने के लिए इस आयुध भंडार को निशाने पर लिया हो। 

लश्कर ए-तैयबा के हाथ की आशंका

CONSPIRACY BEHIND THE NAGROTA ATTACK
NAGROTA - फोटो : Amar Ujala

सेना मुख्यालय पर फिदायीन हमले के तरीके से लगता है कि यह लश्कर-ए- तैयबा की नापाक हरकत है। सेना के सूत्र बताते हैं कि लश्कर इसी तरह के हमले को पहले भी अंजाम देता रहा है। लश्कर के सरगना हाफिज सईद ने भारत से बदला लेने की चेतावनी दी थी।

आपरेशन पूरा होने के बाद सेना इसकी जांच करेगी कि हमला लश्कर-ए तैयबा या जैश-ए मोहम्द में से किसने किया है। उड़ी हमले में पहले जैश का हाथ होने की आशंका जताई गई थी लेकिन बाद में लश्कर-ए- तैयबा का हाथ होने की पुष्टि हुई। 

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