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'मसर्रत की रिहाई से भारत को होगा नुकसान'

Sun, 08 Mar 2015 11:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sun, 08 Mar 2015 11:03 PM IST
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congress protest against masarat alams release

कट्टर अलगाववादी हुर्रियत नेता मसर्रत आलम को जेल से रिहा करने का 26/11 के मुंबई हमलों के मास्टर माइंड जकी उर रहमान लखवी के मामले पर विपरीत असर पड़ेगा। भारत का पक्ष इस मामले में मसर्रत की रिहाई से कमजोर हो सकता है। यह कहना है अंजुमन मिनाज रसूल के चेयरमैन मौलाना सईद अतहर हुसैन देहलवी का। देहलवी ने कहा कि मसर्रत आलम ने 2010 में घाटी में जो राष्ट्रविरोधी प्रदर्शन करवाए थे, उनमें 120 लोगों की मौत हो गई थी।

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साथ ही उन्होंने कहा कि जिन मौलवियों ने पथराव के खिलाफ फतवे जारी किए थे, पाकिस्तान की शह पर उनकी हत्या कर दी गई थी। ऐसे में मसर्रत आलम जैसे अपराधी को जेल से रिहा करने का फैसला सरासर गलत है और यह देश के लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। देहलवी ने कहा कि जाहिर तौर पर भाजपा-पीडीपी गठबंधन के इस तरह के फैसले अच्छे दिनों के संकेत नहीं हो सकते। उन्हें हैरत जताई की इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्यों खामोश हैं।
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भड़के कांग्रेसी
अलगाववादी नेता और 2010 में कश्मीर घाटी में हुए हिंसक प्रदर्शनों के मुख्य आरोपी मसर्रत आलम की रिहाई से गांधीनगर विधानसभा के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। कार्र्यकर्ताओं ने रविवार को गंग्याल व लंगर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार का पुतला भी जलाया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की करनी और कथनी में फर्क है। उन्होंने कहा कि राज्य में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार है। इसी सरकार के मुख्यमंत्री लगातार विवादास्पद बयान दे रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार गठन के कुछ ही घंटों बाद मुफ्ती ने शांतिपूर्ण चुनावों का श्रेय पाकिस्तान, अलगाववादियों और आतंकवादियों को दे दिया था। उसके बाद से लगातार पीडीपी की तरफ से आहत करने वाले फैसले लिए जा रहे हैं। वहीं भाजपा अपने आप को इन मामलों से अलग कर घड़ियाली आंसू बहा रही है। असल में भाजपा सत्ता की लालची है। जम्मू-कश्मीर में सत्ता पाने के लिए भाजपा ने सभी मुद्दों को तिलांजलि दे दी है। गुस्साए कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को इस बात पर सफाई देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य में राजनैतिक कैदियों की आड़ में आतंकवादियों को रिहा करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद को राष्ट्रवादी पार्टी बताती रही है, लेकिन पीडीपी के साथ हाथ मिलाकर राष्ट्र विरोधी कार्य में साथ दे रही है। इसे देश व जम्मू की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। अदालती कमेटी के चेयरमैन पूर्ण कुंडल, अमरनाथ, रतन लाल, रामपाल, जीतराज, मोहन लाल समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे।

मुफ्ती के फैसले राष्ट्र विरोधी: रिफ्यूजी

पीओके रिफ्यूजियों के संगठन एसओएस इंटरनेशनल ने कहा कि मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की नीतियों और फैसले से राष्ट्र हितों को नुकसान पहुंच रहा है। महेशपुरा चौक में रविवार को पीओके रिफ्यूजियों की रैली को संबोधित करते हुए चुनी ने कहा कि पाकिस्तान, अलगाववादी या फिर आतंकवादियों की वजह से रियासत में शांतिपूर्ण चुनाव नहीं हुए बल्कि जम्मू कश्मीर के बहादुर लोगों, सुरक्षा बलों और चुनाव आयोग की वजह से रियासत में शांतिपूर्ण चुनाव हुए। उन्होंने कहा कि मुफ्ती ने पाकिस्तान और आतंकवादियों को चुनाव की सफलता का श्रेय देकर जम्मू कश्मीर के लोगों और सुरक्षा बलों के बलिदानों का अपमान किया है।

उन्होंने कहा कि रिफ्यूजियों के मसलों का जल्द हल होना चाहिए। चुनी ने कहा कि उनकी अगुवाई में सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय प्रधान अमित शाह, भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा से मुलाकात कर पीओके रिफ्यूजियों के मसलों को जल्द हल करने की मांग की है। चुनी ने कहा कि भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम में रिफ्यूजियों को अंधेरे में रखा गया है, जबकि कश्मीरी पंडित विस्थापितों को ही प्राथमिकता दी गई है।

मसर्रत की रिहाई के विरोध में जम्मू बंद की चेतावनी
पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार पर राष्ट्र की एकता और अखंडता से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए रविवार को जम्मू पीपुल्स पीस फोरम की ओर से पीर मिट्ठा जम्मू में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार का पुतला जलाकर अपना विरोध जताया गया। फोरम के प्रधान संजीव गुप्ता ने कहा कि गठबंधन सरकार जन आकांक्षाओं से किनारा करते हुए आतंकवादी और अलगाववादी नेताओं को जेलों से रिहा कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जम्मू के हितों को सर्वोपरि रखने का वादा करने वाली भाजपा को अब जवाब देना चाहिए। पीडीपी और मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को स्पष्ट उत्तर देना चाहिए, नहीं तो जम्मू के लोग सड़क पर उतर आएंगे। उन्होंने इस अवसर पर जम्मू बंद की भी चेतावनी दी।

मुसर्रत की रिहाई पर उठाए सवाल
मुसर्रत आलम की रिहाई पर भारतीय जनता पार्टी प्रदेश सचिव और मुस्लिम स्टेट मोर्चा के इंचार्ज इंजीनियर गुलाम अली ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्य मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से गंभीर अपराधों में संलिप्त सियासी कैदियों की परिभाषा समझाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुसर्रत आलम की रिहाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। मुख्य मंत्री को राय दी कि आतंकियों के पुनर्वास को छोड़ देशभक्त युवाओं को रोजगार देना चाहिए।


युकां ने मोदी का पुतला फूंका
जेएंडके प्रदेश यूथ कांग्रेस के युवा कार्यकर्त्ताओं ने रविवार को प्रेस क्लब के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्त्ताओं ने पीडीपी और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युकां के प्रधान शाहनवाज चौधरी ने कहा कि सत्ता के लालच में पीडीपी को अपना समर्थन देकर भाजपा राज्य की सुरक्षा और अखंडता पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है। भाजपा अलगाववादियों को समर्थन दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का बयान और अलगाववादी की रिहाई बहुत ही निंदनीय है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरींद्र सिंह शिंगारी, सतीश शर्मा, चरणजीत सिंह, नदीम शरीफ नियाज, राजन शर्मा, शब्बीर कोहली, रिक्की दलोत्रा और अन्य युवा कार्यकर्त्ता शामिल थे।

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