सोज के खिलाफ कांग्रेस में बगावत, इस्तीफा मांगा
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विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में बगावत के स्वर उभरे हैं। हार का ठीकरा प्रदेश अध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज पर फोड़ते हुए छह पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसद समेत 23 कांग्रेस नेताओं ने उनके इस्तीफे की मांग की है। पार्टी के असंतुष्ट गुट ने बैठक कर सोज पर इस्तीफे के लिए दबाव बनाने की रणनीति तैयार की।
उनका कहना है कि हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। नया अध्यक्ष रियासत में कांग्रेस की जड़ें मजबूत करेगा। बताया जाता है कि इस्तीफा मांगने वाले पार्टी के धाकड़ नेता गुलाम नबी आजाद गुट के हैं।
इधर बीच सदस्यता अभियान को लेकर दो समितियां गठित किए जाने से आजाद नाराज बताए जाते हैं। उन्होंने इसे खत्म करने की मांग की थी। साथ ही यह भी कहा था कि पार्टी को कमेटियां बनाने के बजाय उन कारणों की तलाश करनी चाहिए जिसके चलते चुनाव में लचर प्रदर्शन रहा।
राज्य में कांग्रेस में जबर्दस्त खेमेबंदी
राज्य में कांग्रेस में जबर्दस्त खेमेबंदी है। आजाद तथा सोज दो ध्रुव माने जाते हैं। हालांकि, विधानसभा चुनाव में दोनों पर ही राज्य में पंजे को बहुमत दिलाने की जिम्मेदारी थी, लेकिन पिछले चुनाव से प्रदर्शन बेकार रहा। चिनाब वैली में आजाद का जबर्दस्त प्रभाव रहा है।
पिछले चुनाव में यहां की छह में पांच सीटों पर कब्जा था, लेकिन इस बार भाजपा ने चार सीटें झटक लीं। इस बीच हार को लेकर पार्टी अंदरखाने मंथन होने लगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि चुनाव में हार और सदस्यता अभियान को लेकर आजाद की नाराजगी के बाद अंदर ही अंदर विद्रोह के स्वर उभरने लगे।
इस बीच पार्टी के असंतुष्टों की बैठक में सोज से इस्तीफे की मांग की गई। बैठक के बाद बगावत का नेतृत्व कर रहे प्रदेश उपाध्यक्ष जनक राज गुप्ता सहित 23 नेताओं के हस्ताक्षर से बयान जारी कर कहा गया कि सोज को हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
मुझे कुछ नहीं कहना: सोज-
जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान एवं राज्यसभा सांसद प्रो. सैफुद्दीन सोज ने बताया कि कुछ कांग्रेस नेताओं की ओर से नैतिक आधार पर इस्तीफा मांगे जाने की सूचना मिली है। उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है।