कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार बनाकर फंसी भाजपा
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जम्मू-कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के साथ भाजपा का सरकार बनाना विपक्ष को रास नहीं आया। कांग्रेस और माकपा ने इसे अवसरवादिता की पराकाष्ठा करार देते हुए दोनों दलों पर निशाना साधा है।
वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताकर उम्मीद जताई है कि इससे राज्य को राष्ट्र की मुख्यधारा में लाने में मदद मिलेगी।
राज्य में रविवार को भाजपा-पीडीपी की सरकार बनने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह शपथ ग्रहण समारोह कम भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक ज्यादा लग रही थी।
उन्होंने पीडीपी को भाजपा और संघ के धर्मांतरण के मुद्दे पर सावधान रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अब राज्य के सारे फैसले संघ मुख्यालय नागपुर से लिए जाएंगे।
साथ ही आजाद ने चुनाव के दौरान मुफ्ती मोहम्मद सईद और महबूबा के खिलाफ प्रधानमंत्री के हमलों की याद दिलाई। वहीं माकपा ने भी इसे अवसरवाद की पराकाष्ठा बताया।
ऐतिहासिक अवसर बता संघ ने किया समर्थन
पीडीपी के साथ सरकार बनाने में शुरुआत में अनिच्छुक दिख रहा संघ भी अब इसके पक्ष में खड़ा है। संघ के मुखपत्र आर्गनाइजर में इसे ऐतिहासिक अवसर करार देते हुए उम्मीद जताई गई है कि अब अब राज्य को देश की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।
हालांकि संपादकीय में कहा गया है कि सरकार चलाना तनी हुई रस्सी पर चलने जैसा होगा। इसमें कहा गया है कि भाजपा और पीडीपी के बीच इस समन्वय का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि जम्मू-कश्मीर राज्य राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल हो रहा है।