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बनिहाल कार धमाका: आतंकी बोला, सीआरपीएफ काफिले के पास जाकर बटन दबाने का मिला था निर्देश
Mon, 01 Apr 2019 11:37 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 01 Apr 2019 11:37 PM IST
सार
- बनिहाल में पुलवामा दोहराने वाला आतंकी गिरफ्तार
- टिप्पर में लिफ्ट लेकर कश्मीर भागते वक्त नाके पर पकड़ लिया गया
- पुलवामा जैसा हमला करने के लिए जिम्मेदारी दी गई थी
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आतंकी ओवेस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर बनिहाल के पास पुलवामा दोहराने की साजिश करने वाले आतंकी को पकड़ लिया गया है। जिसने यह मान लिया है कि वह पुलवामा जैसा हमला करना चाहता था। वह हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी है और कश्मीर के शोपियां का रहने वाला है। आतंकी को आठ दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इससे और भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां आगे की पूछताछ में सामने आएंगी। 30 मार्च को एक सेंटरों कार से सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। आतंकी का नाम ओवेस अहमद अमीन है। सिंह ने बताया कि 30 मार्च को आतंकी की कार सीआरपीएफ के काफिले से टकराई थी। इस कार में दो सिलेंडर, जिलेटिन की पचास से अधिक स्टिक, यूरिया, पेट्रोल, तीन आईईडी थी।
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आतंकी ने इस कार में रखे बिस्फोटक को ट्रिगर से बलास्ट करना था। लेकिन ट्रिगर करने का सिस्टम सही नहीं बैठा। आतंकी इसकी कोशिश जरूर की। जिसके बाद एक छोटा धमाका हुआ। इसमें आतंकी को कुछ चोट भी आई। लेकिन जब पता चल गया कि अन्य बिस्फोट नहीं हुआ है, तो यह वहां से भाग गया। इसके बाद यह वहां ही किसी पास के एक जंगल में छुप गया। यहां पर यह 31 मार्च शाम तक छुपा रहा।
नाके पर पकड़ लिया गया
आतंकी जब कार से भागा तो इसका कुछ सामान भी वहां बिखर गया। इसने एक खास किस्म की कमीज पहनी थी। जो घटनास्थल के पास ही मिली। भागने के बाद पुलिस और सेना ने मिलकर पूरा रूट खंगाला और यह तमाम चीजें बरामद की। लिंक से लिंक जोड़े और आतंकी एक स्केच तैयार कर लिया गया। सभी नाकों को सील कर लिया गया। रामबन में यह नाके पर तब पकड़ लिया गया। जब यह कश्मीर की तरफ जा रहे एक टिप्पर में लिफ्ट लेकर भागा था। टिप्पर को पूछताछ के लिए रोका और इसे देखकर ही पता चल गया कि यह वहीं है। जब जोर देकर पूछताछ की गई तो इसने कबूल किया कि उसी ने धमाका किया।
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#WATCH Confession of the accused in the car blast in Banihal, Ramban, after his arrest, today. #JammuAndKashmir pic.twitter.com/H2ABl6oj8o
— ANI (@ANI) April 1, 2019विज्ञापन
डीजीपी दिलबाग सिंह ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। आतंकी का नाम ओवेस अहमद अमीन है। सिंह ने बताया कि 30 मार्च को आतंकी की कार सीआरपीएफ के काफिले से टकराई थी। इस कार में दो सिलेंडर, जिलेटिन की पचास से अधिक स्टिक, यूरिया, पेट्रोल, तीन आईईडी थी।
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आतंकी ने इस कार में रखे बिस्फोटक को ट्रिगर से बलास्ट करना था। लेकिन ट्रिगर करने का सिस्टम सही नहीं बैठा। आतंकी इसकी कोशिश जरूर की। जिसके बाद एक छोटा धमाका हुआ। इसमें आतंकी को कुछ चोट भी आई। लेकिन जब पता चल गया कि अन्य बिस्फोट नहीं हुआ है, तो यह वहां से भाग गया। इसके बाद यह वहां ही किसी पास के एक जंगल में छुप गया। यहां पर यह 31 मार्च शाम तक छुपा रहा।
नाके पर पकड़ लिया गया
आतंकी जब कार से भागा तो इसका कुछ सामान भी वहां बिखर गया। इसने एक खास किस्म की कमीज पहनी थी। जो घटनास्थल के पास ही मिली। भागने के बाद पुलिस और सेना ने मिलकर पूरा रूट खंगाला और यह तमाम चीजें बरामद की। लिंक से लिंक जोड़े और आतंकी एक स्केच तैयार कर लिया गया। सभी नाकों को सील कर लिया गया। रामबन में यह नाके पर तब पकड़ लिया गया। जब यह कश्मीर की तरफ जा रहे एक टिप्पर में लिफ्ट लेकर भागा था। टिप्पर को पूछताछ के लिए रोका और इसे देखकर ही पता चल गया कि यह वहीं है। जब जोर देकर पूछताछ की गई तो इसने कबूल किया कि उसी ने धमाका किया।
हां, यह पुलवामा जैसा ही हमला था
डीजीपी दिलबाग सिंह ने साफ कहा है कि हां यह पुलवामा जैसा हमला ही था। आतंकी ने कार में बिस्फोट का इतना सामान रखा था, जिससे कि सीआरपीएफ के वाहन को उड़ाया जा सकता था। यह बिस्फोट कहां से लाया? किससे लिया गया? कार में बिस्फोटक कहां से भरा गया? कार किससे ली गई, यह सब अभी जांच के विषय हैं।
मुझे हमला करने के लिए बोला गया था
आतंकी ओवेस का कहना है कि उसकी मोबाइल फोन पर बात होती थी। वह शोपियां में ही एक अन्य आतंकी के संपर्क में आया। उसे कहा गया कि उसके परिवार को पैसे दिए जाएंगे। उसे सीआरपीएफ की कानवाय को उड़ाना है। फोन करने वालों ने अपने बारे में कुछ नहीं बताया था। उसे कहा गया था कि वह बनिहाल पहुंच जाएं। यहां पर एक कार आएगी। उस कार को चलाकर जाना है। जाकर सीधे काफिले को उड़ा देना है। कार के अंदर एक बटन भी था। कार देने वाले ने उसे बटन के बारे में बता दिया था। जैसे ही उसने सीआरपीएफ की कार को टक्कर मारी और बटन दबा दिया। लेकिन उस तरह से धमाका नहीं हुआ। एक छोटा सा धमाका हुआ और वह उसमें घायल हो गया। इसके बाद वह कार से कूदा और भाग गया।
कार का नंबर टैंपर किया गया था
आतंकी को दी जाने वाली कार का नंबर टैंपर किया गया था। ताकि इसको ट्रेस न किया जा सके।
पत्र में कर चुका था खुलासा
आतंकी ओवेस ने एक पत्र भी लिखा था। जिसमें उसने लिखा था कि हिजबुल मुजाहिदीन जम्मू-कश्मीर का एक मुजाहिद हूं। नाम ओवैस अमीन है। सोशल मीडिया के माध्यम से चंद बातें शेयर करना चाहता हूं। उम्मीद है कि आप मेरी इन बातों को ध्यान में रखेंगे। दुआ करें कि जिस वक्त यह पैगाम आप तक पहुंचेगा वह उस वक्त तक जन्नत में मजे लूट रहा होगा। पत्र में उसने कश्मीरियों के साथ की जा रही ज्यादतियों का भी हवाला दिया है।
मुझे हमला करने के लिए बोला गया था
आतंकी ओवेस का कहना है कि उसकी मोबाइल फोन पर बात होती थी। वह शोपियां में ही एक अन्य आतंकी के संपर्क में आया। उसे कहा गया कि उसके परिवार को पैसे दिए जाएंगे। उसे सीआरपीएफ की कानवाय को उड़ाना है। फोन करने वालों ने अपने बारे में कुछ नहीं बताया था। उसे कहा गया था कि वह बनिहाल पहुंच जाएं। यहां पर एक कार आएगी। उस कार को चलाकर जाना है। जाकर सीधे काफिले को उड़ा देना है। कार के अंदर एक बटन भी था। कार देने वाले ने उसे बटन के बारे में बता दिया था। जैसे ही उसने सीआरपीएफ की कार को टक्कर मारी और बटन दबा दिया। लेकिन उस तरह से धमाका नहीं हुआ। एक छोटा सा धमाका हुआ और वह उसमें घायल हो गया। इसके बाद वह कार से कूदा और भाग गया।
कार का नंबर टैंपर किया गया था
आतंकी को दी जाने वाली कार का नंबर टैंपर किया गया था। ताकि इसको ट्रेस न किया जा सके।
पत्र में कर चुका था खुलासा
आतंकी ओवेस ने एक पत्र भी लिखा था। जिसमें उसने लिखा था कि हिजबुल मुजाहिदीन जम्मू-कश्मीर का एक मुजाहिद हूं। नाम ओवैस अमीन है। सोशल मीडिया के माध्यम से चंद बातें शेयर करना चाहता हूं। उम्मीद है कि आप मेरी इन बातों को ध्यान में रखेंगे। दुआ करें कि जिस वक्त यह पैगाम आप तक पहुंचेगा वह उस वक्त तक जन्नत में मजे लूट रहा होगा। पत्र में उसने कश्मीरियों के साथ की जा रही ज्यादतियों का भी हवाला दिया है।