सीमा पर सुरक्षा बलों के लिए पक्के बंकर बनाने का काम शुरु
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सीमा पार से आतंकी घुसपैठ और मादक पदार्थों की खेप की तस्करी रोकने के लिए सुरक्षा बलों के लिए पक्के बंकर तैयार किए जा रहे हैं। सीमा पर पैनी नजर रखने के लिए मुस्तैद जवानों के लिए पुराने एवं कच्चे बंकरों को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर सुरक्षा बल 57 पुराने एवं कच्चे बंकरों को पक्का कर रही है।
पहाडपुर सेे लेकर अखनूर तक सीमा पर करीब सौ किमी के दायरे में बंकरों और चौकियों को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। पुरानी एवं जर्जर हो चुकी चौकियों और बंकरों की मरम्मत की जा रही है। कच्चे बंकरों को पक्का किया जा रहा है।
सीमा पर संदिग्ध गतिविधियां बढ़नेे की रिपोर्टों के बाद यह फैसला लिया गया है। इसमें सेना का भी सहयोग लिया जा रहा है और नाकों को भी मुस्तैद किया गया है। सीमा पार से आतंकी लांचिंग पैड और घुसपैठ की आशंका के कारण सुरक्षा बलों ने सीमा पर मुस्तैदी बढ़ाई है।
जवानों को राहत देने और सुरक्षा 24 घंटे तक रहे, इस पर गंभीरता से विचार किया गया है। पश्चिमी कमान के जीओसी इनसी एस सिंह का दावा है कि सीमा पर आतंकी घुसपैठ की सूचनाएं लगातार हैं। सीमा के नजदीक पक्के बंकर तैयार किए गए हैं।
सुरक्षा की सेकेंड लाइन पर सेना ने सतर्कता से कमान संभाली है। अंतरराष्ट्रीय बार्डर पर सबसे अधिक कच्चे बंकर नालों, झाड़ियों व रिहायशी क्षेत्रों से दूर बने हैं। रणनीति के अनुसार प्रत्येक किमी पर दो से चार बंकर बनाए गए हैं।
अधिकतर बंकर पक्के हैं। इसके बीच कुछ कच्चे बंकर भी हैं, जिन्हें पक्का किया जा रहा है। तारबंदी के अंदर बनाए जा रहे इन बंकरों से प्राकृतिक आपदा से भी बचा जा सकता है, जबकि सीमा पार या आतंकी गोलीबारी का भी जवान कड़ा जवाब दे सकेंगे।