भाजपा मंत्रियों ने सीएम मुफ्ती से की पीडीपी मंत्रियों की शिकायत
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मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के समक्ष शनिवार को भाजपा मंत्रियों तथा विधायकों ने दर्द बयां करने के साथ ही विरोध भी दर्ज कराया। उन्होंने नाराजगी जताई कि फैसले लेने में भाजपा मंत्रियों की राय नहीं ली जा रही है।
एकतरफा फैसले कर दिए जा रहे हैं। साथ ही कहा कि राज्य मंत्रियों को अब तक पूरे अधिकार नहीं दिए गए हैं। ब्रेकफास्ट पर बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इन सारे मसलों का हल निकाल लिया जाएगा।
कहीं से भी गठबंधन सहयोगियों को तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। ज्ञात हो कि भाजपा मंत्रियों, विधायकों, एमएलसी सदस्यों से शिकायतें मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने सभी को सुबह ब्रेकफास्ट पर बुलाया था।
सूत्रों के अनुसार लगभग डेढ़ घंटे चली बैठक में राज्यमंत्री सुनील शर्मा तथा प्रिया सेठी को पूरे अधिकार न दिए जाने का मामला उठा। कहा गया कि सरकार बने लगभग नौ महीने होने जा रहे हैं, लेकिन, अब तक इन्हें अधिकार नहीं मिल पाए हैं।
बिना सलाह के कई फैसले लिए गए
कई फैसले बिना पूछे ही मंत्रिमंडल के सहयोगी कर ले रहे हैं। मसलन वैष्णो देवी चापर सेवा पर सर्विस टैक्स लगा दिया गया, जबकि इस पर भाजपा की राय नहीं ली गई। इतना ही ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए दस करोड़ रुपये की राशि बिना संबंधित विभाग के मंत्री की जानकारी के जारी कर दी गई।
यह भी कहा गया कि जम्मू में सड़कों का बुरा हाल है। कश्मीर तथा जम्मू संभाग दोनों के लिए 200-200 करोड़ रुपये जारी किए गए। कश्मीर संभाग में यह राशि खत्म होने के कगार पर है, लेकिन, जम्मू में 50 करोड़ रुपये भी खर्च नहीं हो पाए हैं।
भाजपा विधायकों के क्षेत्र में सड़कों का बुरा हाल है। जम्मू पूर्व में तो सड़के बनी हैं लेकिन गांधीनगर और जम्मू पश्चिम में मुख्य सड़कों को छोड़कर अन्य का बुरा हाल है। यहां बन रहे कन्वेंशन सेंटर के लिए पैसा जारी नहीं हो रहा है।
भाजपा की ओर से कहा गया कि गठबंधन सहयोगी होने के नाते उनकी बातों को भी तवज्जो मिलनी चाहिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह के साथ ही सभी मंत्री, विधायक तथा एमएलसी मौजूद रहे।