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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच देनदारियों संपत्तियों के बंटवारे को कमेटी गठित
Fri, 15 Nov 2019 09:07 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 15 Nov 2019 09:07 PM IST
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नव गठित केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच संपत्तियों और देनदारियों के बंटवारे के लिए केंद्र सरकार ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सदस्यों को यह जानकारी दी।
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाली समिति को अधिकारियों ने बताया कि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के बीच संपत्ति, अधिकारों और देनदारियों की अपीलों के लिए जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन एक्ट की धारा 84 के तहत एक सलाहकार समिति का गठन किया गया है।
14वें वित्त आयोग द्वारा वर्ष 2019-20 के शेष पांच महीनों के लिए आवंटित धन को दोनों प्रदेशों के बीच 70 और 30 प्रतिशत के अनुपात में समायोजित किया गया है। दोनों प्रदेशों के सरकारी कर्मचारियों के लिए सभी सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अनिवार्य भत्ते को मंजूरी दी गई है।
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केंद्रीय कमेटी में पूर्व रक्षा सचिव संजय मित्रा (अध्यक्ष), सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अरुण गोयल और सेवानिवृत्त भारतीय नागरिक लेखा सेवा (आसीएएस) के अधिकारी गिरिराज प्रसाद गुप्ता शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति की संपत्तियों और देनदारियों का निर्धारण केंद्र सरकार द्वारा गठित समिति की सिफारिशों के अधीन होगा।
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कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाली समिति को अधिकारियों ने बताया कि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के बीच संपत्ति, अधिकारों और देनदारियों की अपीलों के लिए जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन एक्ट की धारा 84 के तहत एक सलाहकार समिति का गठन किया गया है।
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14वें वित्त आयोग द्वारा वर्ष 2019-20 के शेष पांच महीनों के लिए आवंटित धन को दोनों प्रदेशों के बीच 70 और 30 प्रतिशत के अनुपात में समायोजित किया गया है। दोनों प्रदेशों के सरकारी कर्मचारियों के लिए सभी सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अनिवार्य भत्ते को मंजूरी दी गई है।
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केंद्रीय कमेटी में पूर्व रक्षा सचिव संजय मित्रा (अध्यक्ष), सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अरुण गोयल और सेवानिवृत्त भारतीय नागरिक लेखा सेवा (आसीएएस) के अधिकारी गिरिराज प्रसाद गुप्ता शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति की संपत्तियों और देनदारियों का निर्धारण केंद्र सरकार द्वारा गठित समिति की सिफारिशों के अधीन होगा।
और समितियां भी बना सकता है केंद्र
अधिनियम की धारा 85 के अनुसार, केंद्र सरकार एक आदेश द्वारा दो केंद्र शासित प्रदेशों के बीच जम्मू और कश्मीर के मौजूदा राज्य के लिए गठित कंपनियों और निगमों की संपत्ति, अधिकारों और देनदारियों के अधिकार के लिए एक या एक से अधिक सलाहकार समितियों की स्थापना कर सकती है।
अधिनियम की धारा 85 के अनुसार, केंद्र सरकार एक आदेश द्वारा दो केंद्र शासित प्रदेशों के बीच जम्मू और कश्मीर के मौजूदा राज्य के लिए गठित कंपनियों और निगमों की संपत्ति, अधिकारों और देनदारियों के अधिकार के लिए एक या एक से अधिक सलाहकार समितियों की स्थापना कर सकती है।