रियासत में शीत लहर और कोहरे का प्रकोप
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रियासत शुक्रवार को भी जबर्दस्त शीतलहर की चपेट में रही। कोहरे ने जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है। हवाई तथा रेल यातायात पर कोहरे का व्यापक असर पड़ा है। तीन उड़ानें रद्द हो गईं और अधिकतर उड़ानें घंटों लेट हुईं। कोहरे के कारण जम्मू में पहली फ्लाइट दोपहर बाद लैंड हो पाई।
श्रीनगर-दिल्ली, लेह-जम्मू और जम्मू-लेह के बीच एयर इंडिया की फ्लाइट को रद्द करना पड़ा। रेल यातायात भी अछूता नहीं रहा। लगभग सभी ट्रेनें 12 घंटे देरी से जम्मू पहुंच रहीं हैं। इससे जम्मू से रवाना होने वाली ट्रेनों का संचालन भी पूरी तरह गड़बड़ा गया है। इसके चलते घंटों यात्रियों को कड़ाके की ठंड में रात स्टेशन पर बिताने को मजबूर होना पड़ा।
मौसम विभाग की मानें तो 28 दिसंबर तक कोहरे का असर रहेगा। साथ ही कड़ाके की ठंड भी पड़ेगी। घाटी को शीत लहर ने पूरी तरह जकड़ लिया है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 11.6 और न्यूनतम माइनस 4.2 डिग्री सेल्सियस, लेह में अधिकतम 4.1 और न्यूनतम माइनस 14.2 तथा जम्मू में अधिकतम तापमान 9.3 एवं न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल बारिश और बर्फबारी की संभावना नहीं है।
कोहरा बना जानलेवा, सड़क हादसों में इजाफा
ठंड के साथ ही अब कोहरा जानलेवा भी बनने लगा है, क्योंकि सड़क पर साफ नजर नहीं आने से हादसों में इजाफा होने लगे हैं। दिसंबर में मेटाडोर, बस, टिप्पर, कार, मोटरसाइकिल स्लिप जैसे हादसों में कई लोग अपनी जिंदगी गंवा चुके हैं। यह भी सामने आया है कि सड़क किनारे पर चल रहे निर्माण कार्य, अधूरी सड़कें भी हादसों का कारण बन रही हैं।
जीएमसी में आए दिन सड़क हादसों में लोगों को अपनी जिंदगी गंवानी पड़ रही है। ट्रैफिक पुलिस लोगों के व्यवहार के सामने खुद को बेबस बताती है। कोहरे की वजह से सड़क पर हादसों की संभावना बन रही है। लोग सचेत होकर गुजर रहे हैं, बावजूद कोहरा इतना ज्यादा है कि लोगों की समझ से बाहर हो रहा है।
करीब दो सप्ताह पहले फ्लाईओवर पर बाइक स्लिप होने से दो युवकों की मौत हो गई थी। मजालता में ट्रैक्टर ट्राली पलट गई थी। इसी तरह से शहर में हादसों के शिकार हुए लोग अपनी जिंदगी गंवा चुके हैं।
बैक लाइट जगाकर रखें
एसएसपी ट्रैफिक मोहन लाल के मुताबिक चालकों के लिए वाहन के पीछे की लाइट जगाकर रखना बहुत जरूरी है। ट्राली वाले खासतौर पर इस बात का ध्यान रखें, क्योंकि कोहरे में ट्रैक्टर की बॉडी ही नजर आती है, जिस कारण ट्राली नजर नहीं आती और हादसा हो जाता है।