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Jammu News: लाइब्रेरी में इतिहास नहीं, अनदेखी के खुले पन्ने, मुबारक मंडी कॉम्प्लेक्स में परियोजना की डेडलाइन मई में पूरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। मुबारक मंडी कॉम्प्लेक्स के संरक्षण के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 3.14 करोड़ की लागत से कॉफी हाउस कम लाइब्रेरी बनाई जा रही है। खास बात यह है कि धरोहर से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी बल्कि लाइम सुरखी के प्रयोग से नई सुविधाएं दी जाएंगी। पूरे काम में सीमेंट का उपयोग बिल्कुल नहीं होगा। यानी लोग महाराजा के महल जैसा अनुभव महसूस कर सकेंगे। विडंबना है कि डेडलाइन पूरी होने के बाद काम खत्म नहीं हो पाया। अप्रैल 2022 से शुरू परियोजना को पिछले साल मई में पूरा करना था। 7 महीने बीतने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की अनदेखी से काम केवल 60 प्रतिशत हो पाया। अब जून में काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है। इस कारण पर्यटन कारोबार पर अलग से असर पड़ रहा है। आला अधिकारियों के अनुसार विरासत को बचाने के लिए परियोजना अमल में लाई गई, ताकि पर्यटकों सहित युवा पीढ़ी को जम्मू के इतिहास से रूबरू करवाया जा सके।
परियोजना के तहत यहां आम लाइब्रेरी नहीं बनाई जा रही है। इसमें हर किताब नहीं मिलेगी बल्कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास की किताबें रखी जाएंगी जिसमें जम्मू-कश्मीर कैसे बना, कौन से महाराजा रहे, उनके क्या काम व योगदान रहा आदि शामिल होगा। ऐतिहासिक किताबों में प्रदेश के सफर का जिक्र होगा। डोगरी शासकों के बारे में स्थानीय लोगों सहित देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को पता चलना था, लेकिन काम में देरी के कारण महत्वपूर्ण इतिहास के पन्ने नहीं खुल पा रहे।
वहीं, कॉफी हाउस में आउटडोर व इनडोर के साथ सांस्कृतिक बैठक बनाने का काम चल रहा है। हर मौसम के अनुकूल सुविधाएं देने की तैयारी की जा रही है। गर्मी में एसी और सर्दी में ब्लोअर या हीटर से राहत देने की योजना है। इसके अलावा विरासत से संबंधित फर्नीचर लगाया जाएगा। काम पूरा होने के बाद इमारत को मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी को सौंपा जाएगा। उधर, मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी के अश्वनी ने कहा कि इमारत बनने का इंतजार कर रहे हैं। संवाद
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परियोजना का काम चल रहा है। इससे जम्मू के इतिहास को संभालने की कोशिश की गई है। जून में काम खत्म हो जाएगा।
-विवेक चोपड़ा, एईई सिविल, स्मार्ट सिटी
जम्मू के लोगों की लंबित मांग थी, जिसे पूरा किया जा रहा है। मुबारक मंडी में पर्यटकों को लाने और आकर्षित करने के लिए कॉफी हाउस कम लाइब्रेरी बनाने के बारे में सोचा है। जून में परियोजना जनसमर्पित की जाएगी। यहां पर जम्मू के इतिहास की सभी किताबें मिल जाएंगी।
-राहुल यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी
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जम्मू। मुबारक मंडी कॉम्प्लेक्स के संरक्षण के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 3.14 करोड़ की लागत से कॉफी हाउस कम लाइब्रेरी बनाई जा रही है। खास बात यह है कि धरोहर से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी बल्कि लाइम सुरखी के प्रयोग से नई सुविधाएं दी जाएंगी। पूरे काम में सीमेंट का उपयोग बिल्कुल नहीं होगा। यानी लोग महाराजा के महल जैसा अनुभव महसूस कर सकेंगे। विडंबना है कि डेडलाइन पूरी होने के बाद काम खत्म नहीं हो पाया। अप्रैल 2022 से शुरू परियोजना को पिछले साल मई में पूरा करना था। 7 महीने बीतने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की अनदेखी से काम केवल 60 प्रतिशत हो पाया। अब जून में काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है। इस कारण पर्यटन कारोबार पर अलग से असर पड़ रहा है। आला अधिकारियों के अनुसार विरासत को बचाने के लिए परियोजना अमल में लाई गई, ताकि पर्यटकों सहित युवा पीढ़ी को जम्मू के इतिहास से रूबरू करवाया जा सके।
परियोजना के तहत यहां आम लाइब्रेरी नहीं बनाई जा रही है। इसमें हर किताब नहीं मिलेगी बल्कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास की किताबें रखी जाएंगी जिसमें जम्मू-कश्मीर कैसे बना, कौन से महाराजा रहे, उनके क्या काम व योगदान रहा आदि शामिल होगा। ऐतिहासिक किताबों में प्रदेश के सफर का जिक्र होगा। डोगरी शासकों के बारे में स्थानीय लोगों सहित देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को पता चलना था, लेकिन काम में देरी के कारण महत्वपूर्ण इतिहास के पन्ने नहीं खुल पा रहे।
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वहीं, कॉफी हाउस में आउटडोर व इनडोर के साथ सांस्कृतिक बैठक बनाने का काम चल रहा है। हर मौसम के अनुकूल सुविधाएं देने की तैयारी की जा रही है। गर्मी में एसी और सर्दी में ब्लोअर या हीटर से राहत देने की योजना है। इसके अलावा विरासत से संबंधित फर्नीचर लगाया जाएगा। काम पूरा होने के बाद इमारत को मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी को सौंपा जाएगा। उधर, मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी के अश्वनी ने कहा कि इमारत बनने का इंतजार कर रहे हैं। संवाद
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परियोजना का काम चल रहा है। इससे जम्मू के इतिहास को संभालने की कोशिश की गई है। जून में काम खत्म हो जाएगा।
-विवेक चोपड़ा, एईई सिविल, स्मार्ट सिटी
जम्मू के लोगों की लंबित मांग थी, जिसे पूरा किया जा रहा है। मुबारक मंडी में पर्यटकों को लाने और आकर्षित करने के लिए कॉफी हाउस कम लाइब्रेरी बनाने के बारे में सोचा है। जून में परियोजना जनसमर्पित की जाएगी। यहां पर जम्मू के इतिहास की सभी किताबें मिल जाएंगी।
-राहुल यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी