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घाटी में दम तोड़ने लगा अलगाववादियों का बंद, नहीं मिल रहा समर्थन

Sun, 13 Nov 2016 09:39 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Sun, 13 Nov 2016 09:39 PM IST
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closure from separatist are not getting supported in kashmir valley
अलगाववादी नेता ग‌िलानी - फोटो : File Photo

घाटी में अलगाववादियों का बंद दम तोड़ने लगा है। पिछले चार महीने से अधिक समय से बंद झेल रही अवाम ने बेरुखी दिखाना शुरू कर दिया है। इस वजह से कैलेंडर के मुताबिक उन्हें समर्थन नहीं मिल रहा है। बाजारों में रौनक लौटने लगी है। सड़कों पर ट्रैफिक का लोड बढ़ा है।

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निजी स्कूल संचालकों ने नए सत्र के लिए दाखिले की तैयारियां शुरू कर दी हैं। कश्मीर हिंसा का सबसे अधिक असर शिक्षा व्यवस्था पर ही पड़ा है। सोमवार से बोर्ड की परीक्षाएं भी शुरू हो रही हैं। पत्थरबाजी लगभग थम गया है। अवाम के रुख को भांपते हुए ही अलगाववादियों ने हुर्रियत (जी) के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी के हैदरपोरा स्थित आवास पर बंद समर्थकों की बैठक बुलाई थी।
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कहा जा रहा है कि बैठक इस वजह से बुलाई गई थी, ताकि लोगों से रायशुमारी कर बंद का आह्वान वापस ले लिया जाए और अपनी इज्जत बचाए रखा जाए। लेकिन हैदरपोरा आवास के बाहर जुटे लोगों के दबाव में अलगाववादियों को बंद जारी रखने का फैसला करना पड़ा। अब लोगों ने बंद के कैलेंडर का विरोध करना शुरू कर दिया है। टीआरसी के पास संडे मार्केट में रविवार को खरीदारों की जबरदस्त भीड़ दिखी। 

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छापेमारी कर 12 को किया गिरफ्तार

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घाटी में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : फाइल फोटो

मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के सोजेथ में सुरक्षा बलों ने छापेमारी कर दो सरकारी कर्मचारियों सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया। मकदूम तथा गोरी मोहल्ला में छापेमारी के दौरान लोगों के विरोध करने पर सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

आरोप है कि सुरक्षा बलों ने एलसीडी, रेफ्रिजरेटर, कार तथा अन्य सामानों को तोड़फोड़ दिया। गौरतलब है कि 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में शुरू हुई हिंसा की घटनाएं करीब 4 महीने से ज्यादा समय तक चली हैं। इस दौरान सुरक्षाबलों द्वारा 5000 से ज्यादा गिरफ्तारियां की गई हैं। 

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