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लोहाई मल्हार में आधी रात को कच्चा मकान ढहा, किशोरी की मौत व दो घायल
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बिलावर। उपजिला में गत तीन दिन से बारिश और बर्फबारी का कहर जारी है। लोहाई मल्हार ब्लॉक के मलाड़ गांव में मंगलवार देर रात एक कच्चा मकान ढहने से तीन लोग मलबे में दब गए। इनमें से एक किशोरी की मौत हो गई, जो दो अन्य को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
घटना मंगलवार देर रात की है, जब एक ही परिवार के तीन सदस्य कच्चे मकान में सो रहे थे। अचानक मकान ढहने से मनीषा देवी (15) पुत्री सीता राम की मौत हो गई। जबकि शीला देवी (18) पुत्री सीता राम और चंचल देवी (44) पत्नी सीता राम को स्थानीय लोगों ने मलबे से निकाल कर पीएचसी मल्हार पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पीएचसी में नदारद मिले डॉक्टर
जिले के दूर दराज इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे पूरी तरह से खोखले साबित हो रहे हैं। मंगलवार रात हुए हादसे के बाद सरकार के दावों की पोल खुल गई। पीएचसी मल्हार में तैनात दोनों डॉक्टर गैरहाजिर पाए गए, जिससे मृतका का पोस्टमार्टम करवा पाना भी मुश्किल हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में ले लिया जिसके बाद बिलावर से डॉक्टर के पोस्टमार्टम के लिए पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। उधर, स्थानीय लोगों में भी रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि हजारों की आबादी वाले लोहाई मल्हार के साथ हमेशा ही सौतेला व्यवहार होता रहा है। कई किलोमीटर पैदल चलने और फिर दो से ढाई घंटे का सड़क से सफर करने के बाद लोगों को उपचार के लिए बिलावर जाना पड़ता है। क्षेत्र में तैनात डॉक्टर कई-कई दिन नहीं आते हैं। 28 दिसंबर के बाद से मल्हार में डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।
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स्थानीय लोगों के अनुसार बर्फबारी के मौसम में जहां विभाग लोगों को बेहतर सुविधा देने के दावे करता है वही पीएचसी में तैनात डॉक्टर गैर हाजर रहना मुसीबत से कम नहीं है। वहीं, बर्फबारी और बारिश के बीच कच्चा मकान ढहने से पीड़ित परिवार को प्रशासन ने एसडीआरएफ के तहत मुआवजे की घोषणा की है। डीसी ओम प्रकाश भगत ने बताया कि मंगलवार रात को दर्दनाक हादसे में एक बच्ची की मौत हो गई थी, जबकि दो लोग घायल हुए थे। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्हें रेड क्रॉस के जरिए फौरी तौर पर जरूरी सामान मुहैया करवाया गया है।
मामला संज्ञान में आया है। बीएमओ को डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. अशोक चौधरी, सीएमओ
मल्हार में तैनात दोनों डॉक्टर गैरहाजिर थे। बिलावर से डाक्टरों की टीम मल्हार के लिए रवाना कर दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा।
डॉक्टर राजेंद्र थापा, बीएमओ, बिलावर
एक निर्धन परिवार से ताल्लुक रखने वाली किशोरी की मौत प्राकृतिक आपदा से हुई है। इसलिए सरकार जल्द से परिवार को मुआवजा दे।
-कमल कुमार, बीडीसी चेयरमैन, लोहाई मल्हार ब्लॉक
परिवार को रेडक्रॉस की ओर से कंबल, टेंट व बर्तनों के साथ-साथ फर्स्ट एड मुहैया करवाई गई है। जल्द ही उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सरकार की ओर से सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
-सुभाष कुमार, तहसीलदार, लोहाई मल्हार
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घटना मंगलवार देर रात की है, जब एक ही परिवार के तीन सदस्य कच्चे मकान में सो रहे थे। अचानक मकान ढहने से मनीषा देवी (15) पुत्री सीता राम की मौत हो गई। जबकि शीला देवी (18) पुत्री सीता राम और चंचल देवी (44) पत्नी सीता राम को स्थानीय लोगों ने मलबे से निकाल कर पीएचसी मल्हार पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
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पीएचसी में नदारद मिले डॉक्टर
जिले के दूर दराज इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे पूरी तरह से खोखले साबित हो रहे हैं। मंगलवार रात हुए हादसे के बाद सरकार के दावों की पोल खुल गई। पीएचसी मल्हार में तैनात दोनों डॉक्टर गैरहाजिर पाए गए, जिससे मृतका का पोस्टमार्टम करवा पाना भी मुश्किल हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में ले लिया जिसके बाद बिलावर से डॉक्टर के पोस्टमार्टम के लिए पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। उधर, स्थानीय लोगों में भी रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि हजारों की आबादी वाले लोहाई मल्हार के साथ हमेशा ही सौतेला व्यवहार होता रहा है। कई किलोमीटर पैदल चलने और फिर दो से ढाई घंटे का सड़क से सफर करने के बाद लोगों को उपचार के लिए बिलावर जाना पड़ता है। क्षेत्र में तैनात डॉक्टर कई-कई दिन नहीं आते हैं। 28 दिसंबर के बाद से मल्हार में डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।
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स्थानीय लोगों के अनुसार बर्फबारी के मौसम में जहां विभाग लोगों को बेहतर सुविधा देने के दावे करता है वही पीएचसी में तैनात डॉक्टर गैर हाजर रहना मुसीबत से कम नहीं है। वहीं, बर्फबारी और बारिश के बीच कच्चा मकान ढहने से पीड़ित परिवार को प्रशासन ने एसडीआरएफ के तहत मुआवजे की घोषणा की है। डीसी ओम प्रकाश भगत ने बताया कि मंगलवार रात को दर्दनाक हादसे में एक बच्ची की मौत हो गई थी, जबकि दो लोग घायल हुए थे। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्हें रेड क्रॉस के जरिए फौरी तौर पर जरूरी सामान मुहैया करवाया गया है।
मामला संज्ञान में आया है। बीएमओ को डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. अशोक चौधरी, सीएमओ
मल्हार में तैनात दोनों डॉक्टर गैरहाजिर थे। बिलावर से डाक्टरों की टीम मल्हार के लिए रवाना कर दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा।
डॉक्टर राजेंद्र थापा, बीएमओ, बिलावर
एक निर्धन परिवार से ताल्लुक रखने वाली किशोरी की मौत प्राकृतिक आपदा से हुई है। इसलिए सरकार जल्द से परिवार को मुआवजा दे।
-कमल कुमार, बीडीसी चेयरमैन, लोहाई मल्हार ब्लॉक
परिवार को रेडक्रॉस की ओर से कंबल, टेंट व बर्तनों के साथ-साथ फर्स्ट एड मुहैया करवाई गई है। जल्द ही उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सरकार की ओर से सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
-सुभाष कुमार, तहसीलदार, लोहाई मल्हार