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दो कदम चलते ही निकली स्वच्छता अभियान की हवा
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 13 Oct 2014 08:43 PM IST
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मंदिरों के शहर में जहां-तहां गंदगी पसरे हुए देखना आम दृश्य जैसा हो गया है। पूरे देश के साथ जम्मू-कश्मीर में भी स्वच्छता अभियान धूमधाम से मनाया गया। शहर भर में खूब झाडू चले, लेकिन उसके बावजूद गंदगी ने पीछा नहीं छोड़ा। निगम के पास सफाई कर्मचारियों का टोटा है। निगम के 71 वार्डों में 1856 सफाई कर्मचारी हैं। इनके साथ कुछ एनजीओ के कर्मचारी भी काम करते हैं।
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बावजूद इसके निगम के अधीन वार्डों में सफाई व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। जम्मू नगर निगम के पास गंदगी को डंप करने के लिए पर्याप्त डपिंग साइटस नहीं है। इसके साथ ही कलेक्शन प्वांइट भी शहर के बीचो बीच बनाए गए हैं। कई जगहों पर अस्पतालों के बाहर कूड़ा एकत्रित करने संबंधी प्वाइंट बनाए गए हैं। जिला अस्पताल सरवाल के मुख्य गेट के बाहर निगम का कलेक्शन प्वाइंट है।
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उससे पहले रिहाड़ी चुंगी से सरवाल की तरफ से जाते हुए कब्रिस्तान के पास सड़क के किनारे पर क्लेक्शन प्वाइंट है। मिनी स्टेडियम परेड, जानीपुर कालोनी आदि में सड़क के किनारों पर बने क्लेकशन प्वाइंट स्थानीय लोगों सहित बाहर से आने वाले पर्यटकों के सामने भी शहर की भद्दी तस्वीर पेश करते हैं।
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सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान रिंकूगिल ने इस संदर्भ में बात करते हुए कहा कि उचित सफाई के लिए कम से कम तीन हजार सफाई कर्मचारी चाहिए। निगम के अधीन बहुत बड़ा क्षेत्र आता है। ऐसे में 1856 सफाई कर्मी पर्याप्त नहीं हैं। इस संदर्भ में हम पहले भी संबंधित अधिकारियों और मंत्री से बात कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
रात के अंधेरे में लोग खुले में फेंक जाते हैं कूड़ा
स्वयं निगम के अधिकारी इस बात को स्वीकार करते हैं कि सफाई व्यवस्था हमेशा से एक कड़ी चुनौती रहती है। मैन पावर की कमी इसका प्रमुख कारण है। निगम के सेनिटरी विंग के इंचार्ज हेल्थ अफसर डॉ. सलीम मोहम्मद खान कहते हैं, लोग भी इस मामले में सहयोग नहीं देते हैं। रात के अंधेरे में खुले में कूड़ा फेंकना लोगों की भी आदत हो गई है। इसके साथ ही कूड़ेदान भी एक समस्या है। निगम के पास पर्याप्त कूड़ेदान नहीं हैं।