{"_id":"6317b20d83a3fb725130a09f","slug":"civic-animities-jammu-city-news-jmu2674716141","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवा राजपूत सभा की भूख हड़ताल स्थगित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवा राजपूत सभा की भूख हड़ताल स्थगित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी अवकाश की मांग पर भूख हड़ताल पर बैठी युवा राजपूत सभा ने मंगलवार को चार दिनों के लिए अस्थायी तौर पर भूख हड़ताल स्थगित कर दी है।
युवा राजपूत सभा के अध्यक्ष राजन सिंह हैप्पी ने कहा कि मंडलायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया है कि अवकाश के बारे में विचार विमर्श कर रहे हैं। प्रशासन ने कुछ दिन का समय मांगा है। अवकाश पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
राजन सिंह ने कहा कि डीसी ने भी उन्हें कहा कि प्रशासन उनकी मांग पर विचार-विमर्श कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक संगठनों और बिरादरियों के लोगों ने बैठक कर फैसला लिया कि वह कुछ दिनों के लिए भूख हड़ताल और प्रदर्शन स्थगित रखेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रशासन अवकाश घोषित करता है, तो 23 सितंबर को जश्न मनाएंगे। अगर प्रशासन ने झूठा आश्वासन दिया, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। प्रशासन के वादे पर यह फैसला लिया है। हालांकि, प्रशासन ने पहले भी वादा किया था। लेकिन वह पूरा नहीं हुआ। इसी को लेकर रोष भी है।
उपाध्यक्ष मंदीप सिंह ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से निकलता है। अगर प्रशासन उनकी मांग को पूरा करेगा, तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने कहा कि महाराजा किसी एक व्यक्ति या धर्म के नहीं थे। उनके लिए सभी बराबर थे। इसी योगदान के मद्देनजर अवकाश की मांग की है। उन्होंने सरकार से जल्द अवकाश घोषित करने की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
युवा राजपूत सभा के अध्यक्ष राजन सिंह हैप्पी ने कहा कि मंडलायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया है कि अवकाश के बारे में विचार विमर्श कर रहे हैं। प्रशासन ने कुछ दिन का समय मांगा है। अवकाश पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
राजन सिंह ने कहा कि डीसी ने भी उन्हें कहा कि प्रशासन उनकी मांग पर विचार-विमर्श कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक संगठनों और बिरादरियों के लोगों ने बैठक कर फैसला लिया कि वह कुछ दिनों के लिए भूख हड़ताल और प्रदर्शन स्थगित रखेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रशासन अवकाश घोषित करता है, तो 23 सितंबर को जश्न मनाएंगे। अगर प्रशासन ने झूठा आश्वासन दिया, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। प्रशासन के वादे पर यह फैसला लिया है। हालांकि, प्रशासन ने पहले भी वादा किया था। लेकिन वह पूरा नहीं हुआ। इसी को लेकर रोष भी है।
उपाध्यक्ष मंदीप सिंह ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से निकलता है। अगर प्रशासन उनकी मांग को पूरा करेगा, तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने कहा कि महाराजा किसी एक व्यक्ति या धर्म के नहीं थे। उनके लिए सभी बराबर थे। इसी योगदान के मद्देनजर अवकाश की मांग की है। उन्होंने सरकार से जल्द अवकाश घोषित करने की गुहार लगाई है।