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शहर में बिजली संकट से हाहाकार
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जम्मू। शहर में बिजली संकट से हाहाकार मचा हुआ है। दोपहर को बिजली लोड बढ़ते ही ट्रांसफार्मर जल जा रहे हैं। विभाग को इन्हें ठीक करने में 24 घंटे से अधिक समय लग रहा है। सोमवार रात और मंगलवार दिन भर कई बार लंबे बिजली कट लगे, जिससे लोगों का गर्मी से हाल बेहाल हो गया। शहर के एमएम कॉलेज, एकता बिहार, कुंजवानी, नानक नगर में छह के करीब ट्रांसफार्मर जले। इन इलाकों में बिजली बहाल करने में 24 घंटे से ज्यादा समय लगा। गांधी नगर, नानक नगर, रेशमघर कॉलोनी, बख्शी नगर सहित शहर के कई इलाकों में बिजली की आंख-मिचौनी जारी रही। इससे लोगों को गर्मी से दो-चार होना पड़ा। कुंजवानी के रहने वाले हरि सिंह, ओम प्रकाश सहित अन्य लोगों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर बदलने में काफी समय लग रहा है। बार-बार फोन करने पर भी कोई अधिकारी नहीं आता। इससे लोग परेशान हो रहे हैं।
विभाग का तर्क : ट्रांसफार्मरों की कमी; क्रेन नहीं, कर्मियों का भी टोटा
बिजली विभाग का तर्क है कि उनके पास ट्रांसफार्मरों की कमी है, क्रेन नहीं है और कर्मचारियों का भी टोटा चल रहा है, जिससे बिजली बहाल करने में अधिक समय लग रहा है। कारपोरेशन के अनुसार एक ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए दो से तीन घंटे लगते हैं। वाकायदा कारपोरेशन के पास अपनी क्रेन, इमरजेंसी स्टाफ होना चाहिए। स्टाफ होने पर वर्कशॉप से सीधा ट्रांसफार्मर मौके पर पहुंचाकर उसे बदला जा सकता है। एक घंटा चार्ज करने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकती है। एक्सईएन पीडी सिंह ने कहा कि समस्या का निदान किया जा रहा है। मौजूदा समय में स्टाफ की कमी चल रही है। इस कारण भी देरी हो रही है।
शाम को तेज आंधी से कई इलाकों में टूटे तार
मंगलवार शाम को तेज आंधी चलने से रेशमघर कॉलोनी सहित शहर के कई इलाकों में बिजली के तार टूट गए। इससे बत्ती गुल हो गई, जिसे चार-पांच घंटे बाद बहाल किया गया। बख्शीनगर में आर्य समाज मंदिर के पास पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए, यहां रात 10 बजे तक भी बिजली बहाल नहीं हो पाई थी। हालांकि बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया, जिससे लोगों को उमस से थोड़ी राहत मिली।
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विभाग का तर्क : ट्रांसफार्मरों की कमी; क्रेन नहीं, कर्मियों का भी टोटा
बिजली विभाग का तर्क है कि उनके पास ट्रांसफार्मरों की कमी है, क्रेन नहीं है और कर्मचारियों का भी टोटा चल रहा है, जिससे बिजली बहाल करने में अधिक समय लग रहा है। कारपोरेशन के अनुसार एक ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए दो से तीन घंटे लगते हैं। वाकायदा कारपोरेशन के पास अपनी क्रेन, इमरजेंसी स्टाफ होना चाहिए। स्टाफ होने पर वर्कशॉप से सीधा ट्रांसफार्मर मौके पर पहुंचाकर उसे बदला जा सकता है। एक घंटा चार्ज करने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकती है। एक्सईएन पीडी सिंह ने कहा कि समस्या का निदान किया जा रहा है। मौजूदा समय में स्टाफ की कमी चल रही है। इस कारण भी देरी हो रही है।
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शाम को तेज आंधी से कई इलाकों में टूटे तार
मंगलवार शाम को तेज आंधी चलने से रेशमघर कॉलोनी सहित शहर के कई इलाकों में बिजली के तार टूट गए। इससे बत्ती गुल हो गई, जिसे चार-पांच घंटे बाद बहाल किया गया। बख्शीनगर में आर्य समाज मंदिर के पास पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए, यहां रात 10 बजे तक भी बिजली बहाल नहीं हो पाई थी। हालांकि बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया, जिससे लोगों को उमस से थोड़ी राहत मिली।
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