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चीन ने फिर की नापाक हरकत, गलवां में हिंसा वाली जगह दोबारा लगाए टेंट

Thu, 25 Jun 2020 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लेह
अमर उजाला नेटवर्क, लेह Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 25 Jun 2020 05:12 AM IST
सार

  • भारतीय सैनिकों ने जहां उखाड़ा था सैन्य ढांचा, वहीं बनाई निगरानी पोस्ट
  • भारतीय गश्ती दल की राह रोक रही चीनी सेना, पैंगोंग झील के पास बड़ी मात्रा में जमा किए हथियार
  • अग्रिम मोर्चे पर पहुंचे जनरल नरवणे बोले, ऊंचे मनोबल से डटे रहें और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहें जवान

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China's nefarious act, tents again put up in place of violence in Galvan
लद्दाख की गलवां घाटी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनातनी खत्म करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर की बातचीत के बीच चीन की नापाक हरकत फिर सामने आई है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की गलवां घाटी में 15-16 जून की दरम्यानी रात हुई झड़प में भारतीय सेना ने चीनी सेना के जो सैन्य ढांचे उखाड़ फेंके थे, वहां पर उसने पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 के पास चीन ने एक निगरानी पोस्ट बना ली है। 

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यहां तक कि चीन दौलत बेग ओल्डी क्षेत्र में पेट्रोलिंग प्वाइंट 10 से 13 तक भारतीय सैनिकों के गश्त करने में रुकावट भी खड़ा कर रहा है। हालांकि, भारत ने भी चीनी सेना के किसी भी उकसावे की कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। 

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एलएसी के अग्रिम मोर्चे पर बुधवार को पहुंचे सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने रक्षा तैयारियों का जायजा लेकर जवानों को पूरी मुस्तैदी और हौसले के साथ किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने जवानों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि ऊंचे मनोबल के साथ इसी तरह से ड्यूटी पर डटे रहें। दौरे के बीच बुधवार को लद्दाख के आसमान में भारतीय वायुसेना के जंगी विमानों ने उड़ान भरी।

सूत्रों के मुताबिक, चीन की सेना ने चार मई से सैन्य ढांचा बनाना शुरू किया और बड़ी संख्या में तोपें, हथियारबंद रेजिमेंट और रक्षा बैटरी के जमावडे़ के साथ-साथ 10,000 से ज्यादा जवानों की तैनाती कर दी है। 

पैंगोंग त्सो झील के साथ लगे फिंगर इलाके में भी चीन ने सेना और सैन्य ढांचे बनाने के काम में तेजी ला दी है। भारतीय पक्ष फिंगर 8 तक अपना दावा जताता रहा है, मगर चीन की सेना गलवां घाटी में झड़प के दौरान से ही फिंगर 4 से आगे जाने पर भारतीय सेना के गश्ती दल का रास्ता रोक रही है। फिंगर इलाके में चीन की सेना नए क्षेत्रों पर कब्जा जमाने की आक्रामक कोशिश कर रही है। 

चीन ने भारत के पेट्रोलिंग प्वाइंट-15, 17 और 17 ए के दूसरी ओर बड़ी संख्या में जवानों और हथियारों की तत्काल प्रभाव से तैनाती कर दी है, जो भारत पक्ष के बेहद करीब है।

ड्रैगन ने सुखोई-30 जंगी विमान और एयर डिफेंस सिस्टम की भी की तैनाती

चीन ने सीमा के दूसरी ओर होतान और गार गुंसा समेत कई हवाई बेस पर भी तैनाती बढ़ा दी है। चीन ने रणनीतिक रूप से बम बरसाने वाले विमान और जंगी जहाजों की तैनाती की है। इनमें रूस में बने सुखोई-30 समेत कई लड़ाकू विमान शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, चीन ने रूस से हासिल किए गए दूर तक मार करने वाली एयर डिफेंस सिस्टम को भी भारतीय इलाके के दूसरी ओर अपनी सीमा में तैनात कर दिए हैं।

चीन की फिर सीनाजोरी: गलवां झड़प  के लिए भारत को ठहराया जिम्मेदार
चीन ने फिर गलवां घाटी में हुई झड़प के लिए भारत को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू कियान ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता कायम रहेगी। सीमा पर भारत ने एकतरफा कार्रवाई की जिससे हिंसा हुई। वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, भारत ने दोनों देशों के बीच समझौते का उल्लंघन किया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल मानदंडों का पालन नहीं किया। यह बेहद गंभीर है।

कूटनीति स्तर की बातचीत में एलएसी का सम्मान करने पर जोर: भारतीय विदेश मंत्रालय
भारत और चीन के बीच बुधवार को कूटनीतिक स्तर की बातचीत में वास्तविक नियंत्रण रेखा का कड़ाई से सम्मान और निगरानी पर जोर दिया गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों ही देशों ने तनाव कम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई। भारत की ओर से विदेश मंत्रालय के पूर्व एशिया के संयुक्त सचिव नवीन श्रीवास्तव और चीन विदेश मंत्रालय के महानिदेशक वू जियांगहो ने इस वार्ता में हिस्सा लिया।

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