जम्मू-कश्मीर में पहली बार बच्चों को लगी न्यूमोकोकल वैक्सीन, जानिए फायदा
यह टीका पहली बार जम्मू और कश्मीर में लॉन्च किया गया है। इस टीके के हिस्से के रूप में तीन खुराक दी जाती हैं।
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कोरोना महामारी के बीच जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को केंद्र शासित प्रदेश में बच्चों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया। इस कार्यक्रम में बच्चों के माता-पिता ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में मौजूद अभिभावक आशिक नज़ीर का कहना था कि सरकार की ओर से इस तरह की पहल बच्चों के स्वास्थ्य की दिशा में एक बहुत अच्छा कदम है।
एक अन्य अभिभावक फारूक भट्ट ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए यह एक बहुत अच्छी पहल है। हम अपने बच्चों के लिए इस तरह के अभियान का आयोजन करने के लिए सरकार के आभारी हैं।
बता दें कि यूनिवर्सिल इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम (यूआईपी) सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक है, जो सालाना करीब 2.67 करोड़ नवजात शिशुओं और 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण पहुंचाता है।
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टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में एएनआई से बात करते हुए जम्मू और कश्मीर के वित्तीय आयुक्त स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग अटल डुल्लू ने कहा, "यह एक नया टीका है जिसे यूनिवर्सिल इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम (यूआईपी) में शामिल किया गया है। बच्चों को इसके माध्यम से 10 प्रकार के टीके दिए जाते हैं।
इस कार्यक्रम में एक और टीका जोड़ा गया है, जिसे न्यूमोकोकल वैक्सीन कहा जाता है। यह बच्चों को निमोनिया से बचाता है। यह टीका पहली बार जम्मू और कश्मीर में लॉन्च किया गया है। इस टीके के हिस्से के रूप में तीन खुराक दी जाती हैं। ये खुराक अलग-अलग समय अंतराल पर दिए जाते हैं।