सचिवालय में भिड़ बैठे मंत्री-चीफ इंजीनियर, हाथापाई की नौबत
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सचिवालय में हुए हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पीएचई के चीफ इंजीनियर ने ट्रांसपोर्ट मंत्री पर तोहमतें लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। किसी तरह बीच बचाव कर मामला शांत कराया गया।
वहीं, विभागीय कर्मियों ने चीफ इंजीनियर पीएचई अहमद मुजफ्फर लंकर ने ट्रांसपोर्ट मंत्री चौधरी मोहम्मद रमजान पर गाली गलौच वाली भाषा के इस्तेमाल का आरोप आरोप लगाया है।
दूसरी ओर मंत्री चौधरी मोहम्मद रमजान ने आरोपों को नकारते हुए माफी मांगने से साफ इंकार कर दिया है। महकमे के मुलाजिमों ने मंत्री द्वारा माफी न मांगे जाने पर हड़ताल पर जाने की धमकी दी है।
हाथापाई तक पहुंच गई नौबत
हुआ यूं कि वीरवार को श्रीनगर के नगर सचिवालय में पीएचई मंत्री शाम लाल शर्मा के चैंबर में एक उच्च स्तरीय बैठक चल रही थी। इसमें चीफ इंजीनियर पीएचई अहमद मुजफ्फर लंकर सहित कई अन्य वरिष्ठ अफसर भी मौजूद थे।
ट्रांसपोर्ट मंत्री चौधरी रमजान भी इस दौरान वहां मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान चौधरी मोहम्मद रमजान और चीफ इंजीनियर लंकर के बीच किसी बात को लेकर जोरदार झगड़ा हो गया।
नौबत दानों के बीच हाथापाई तक जा पहुंची। बैठक में मौजूद अन्य अफसरों तथा पीएचई मंत्री ने बीच बचाव किया। बैठक में हंगामा होने के बाद चीफ इंजीनियर लंकर ने मंत्री पर भड़काने वाली भाषा का इस्तेमाल करने और गाली गलौच का आरोप लगाते हुए आयुक्त सचिव पीएचई को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
विभाग के कर्मियों ने किया प्रदर्शन, माफी मांगें मंत्री
मामले की जानकारी पीएचई विभाग के मुलाजिमों तक पहुंचने के बाद पीएचई मुलाजिमों ने श्रीनगर स्थित विभाग के मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। ट्रांसपोर्ट मंत्री से माफी मांगने की मांग करते हुए धमकी दी कि यदि मंत्री ने चीफ इंजीनियर से माफी नहीं मांगी तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे और शहर में पानी की सप्लाई ठप कर दी जाएगी।
दूसरी ओर मंत्री चौ. मोहम्मद रमजान का कहना था कि मुझ पर लगाए गए सारे आरोप गलत हैं। मैंने बैठक में अपने निर्वाचन क्षेत्र हंदवाड़ा में पीएचई विभाग के छह करोड़ रुपये खर्च होने का हिसाब मांगा था।
यह कहा था कि इलाके में न नल है और न पानी ताऊ पैसे गए कहां? इस पर चीफ इंजीनियर गुस्सा हो गए और कागजों को फेंकते हुए बैठक छोड़कर चले गए और कहा कि वह इस्तीफा दे देंगे। उन्हें मनाने की कोशिश भी की गई पर वह नहीं लौटे।