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जम्मू-कश्मीरः अनुच्छेद 370 हटने के बाद अब उठी छंब की मांग, 1971 में पाकिस्तान ने कर लिया था कब्जा
Sun, 11 Aug 2019 03:31 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 11 Aug 2019 03:31 PM IST
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अनुच्छेद 370 हटने के बाद उठी छंब की मांग
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अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद अब छंब को पाकिस्तान से वापस लेने की मांग उठने लगी है। मालूम हो की 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान भारत का उपजाऊ क्षेत्र कहे जाने वाले छंब क्षेत्र पर पाक ने कब्जा कर लिया था। लोग इसको वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
इस बारे में छंब क्षेत्र के चकला गांव को छोड़कर खौड़ उपजिले के खौड़ कैंप में जीवन व्यतीत कर रहे ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि छंब क्षेत्र में 30 गांव थे। इनमें से पांच गांव बहुत बडे़ थे, जिनमें देवा, चकला, मनावर (मनोर), मतरेयाल और छंब शमिल हैं। अगर यह सभी गांव फिर से भारत के पास आ जाएं तो भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं, मैगां राम निवासी गांव मतरेयाल ने बताया कि छंब क्षेत्र की उपजाऊ भूमि को 1971 में छोड़कर आए थे। उसे भी वापस ले लेना चाहिए।
बुजुर्ग धनी देवी ने बताया कि हमारा गांव चकला था। यहां करीब पचास हजार परिवार रहते थे। युद्ध के बाद सभी को सुरक्षित स्थानों पर बसाया गया और शांति होने के बाद कठुआ, आरएसपुरा सहित अन्य कई क्षेत्रों में बसाया गया। चैन तो हमें अब भी नहीं है इसलिए हमारी मांग हैं कि इस क्षेत्र को भी वापस लिया जाए।
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बता दें कि अनुच्छेद 370 हटाने जाने के बाद पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की घटनाएं बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार ने मंगलवार 10 दिसंबर को लोकसभा में बताया कि अगस्त 2019 से अब तक करीब 5 महीने में 84 बार आतंकियों ने सीमापार से कश्मीर घाटी में घुसपैठ करने की कोशिश की है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि इन प्रयासों के दौरान नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर करीब 59 आतंकियों के घाटी में घुसने की संभावना सुरक्षा बलों व खुफिया एजेंसियों ने जताई है। बता दें कि अगस्त में ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को हटाते हुए राज्य का विशेष दर्जा खत्म कर दिया था और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में विभाजित कर दिया था।
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इस बारे में छंब क्षेत्र के चकला गांव को छोड़कर खौड़ उपजिले के खौड़ कैंप में जीवन व्यतीत कर रहे ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि छंब क्षेत्र में 30 गांव थे। इनमें से पांच गांव बहुत बडे़ थे, जिनमें देवा, चकला, मनावर (मनोर), मतरेयाल और छंब शमिल हैं। अगर यह सभी गांव फिर से भारत के पास आ जाएं तो भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं, मैगां राम निवासी गांव मतरेयाल ने बताया कि छंब क्षेत्र की उपजाऊ भूमि को 1971 में छोड़कर आए थे। उसे भी वापस ले लेना चाहिए।
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बुजुर्ग धनी देवी ने बताया कि हमारा गांव चकला था। यहां करीब पचास हजार परिवार रहते थे। युद्ध के बाद सभी को सुरक्षित स्थानों पर बसाया गया और शांति होने के बाद कठुआ, आरएसपुरा सहित अन्य कई क्षेत्रों में बसाया गया। चैन तो हमें अब भी नहीं है इसलिए हमारी मांग हैं कि इस क्षेत्र को भी वापस लिया जाए।
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बता दें कि अनुच्छेद 370 हटाने जाने के बाद पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की घटनाएं बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार ने मंगलवार 10 दिसंबर को लोकसभा में बताया कि अगस्त 2019 से अब तक करीब 5 महीने में 84 बार आतंकियों ने सीमापार से कश्मीर घाटी में घुसपैठ करने की कोशिश की है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि इन प्रयासों के दौरान नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर करीब 59 आतंकियों के घाटी में घुसने की संभावना सुरक्षा बलों व खुफिया एजेंसियों ने जताई है। बता दें कि अगस्त में ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को हटाते हुए राज्य का विशेष दर्जा खत्म कर दिया था और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में विभाजित कर दिया था।