J&K: दवा विक्रेताओं ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, बड़े आंदोलन की चेतावनी
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जम्मू कश्मीर में सरकार के खिलाफ दवा विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन हड़ताल के दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान जम्मू संभाग के आर एस पुरा में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अस्पतालों में पहले से को-आपरेटिव की दुकानें हैं। यदि निजी कंपनी की दुकानें खोली गईं, तो इसका बुरा असर पड़ेगा।
उनका कहना था कि कंपनी को फायदा दिलाने के लिए राज्य सरकार किसी भी कीमत पर उसकी दुकानें खोलने पर आमादा है। इस मनमानी को सहन नहीं किया जाएगा। दूसरे दिन भी मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों को दवा के लिए दरबदर होना पड़ा। अस्पताल में रोगियों को लिखी दवाइयां जरूर मिल रही हैं, लेकिन मेडिकल स्टोर में दवाइयां नहीं होने से तीमारदारों को परेशान होना पड़ा।
मरीज का उपचार करवाने अस्पताल पहुंचे रोशन लाल, जय सिंह, अजीत सिंह आदि का कहना है कि आरएस पुरा अस्पताल में मेडिकल स्टोर जरूर खुला हुआ है, लेकिन वहां सभी दवाइयां नहीं मिलीं। कसबे में सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे, इससे उनको परेशान होना पड़ रहा है।
दवा दुकानदारों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
अस्पतालों में निजी कंपनी की दुकानें खोलने पर अखनूर क्षेत्र के दवा दुकानदारों ने शुक्रवार को अपनी दुकानें बंद रखीं। कसबा के केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रधान अनूप लंगर ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उसने अपने फैसले को वापस नहीं लिया, तो उसे दवा दुकानदारों के और बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।
एक तरफ जहां कसबा के सभी दुकानदारों ने सरकार के फैसले के विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं, वहीं अस्पताल में को-आपरेटिव सोसाइटी की दुकान खुली रही। इससे मरीजों को कुछ राहत मिली। हालांकि कई ऐसी दवाइयां थीं, जो को-आपरेटिव की दुकान में नहीं मिलीं, जिससे तीमारदारों को परेशान होना पड़ा।