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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Challenges before armed forces likely to be more complex in future, India should prepare itself: Army chief

कारगिल विजय दिवस: भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा, सेना प्रमुख बोले- आधुनिक तरीके से तैयारी जरूरी

Thu, 27 Jul 2023 02:19 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 27 Jul 2023 02:19 AM IST
सार

 लद्दाख में कारगिल विजय दिवस पर सेना प्रमुख मनोज पांडे ने कहा कि सशस्त्र बलों को संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य के लिए तैयारी करनी चाहिए। हमारे सामने खतरे और चुनौतियां जटिल होने की संभावना हैं।

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Challenges before armed forces likely to be more complex in future, India should prepare itself: Army chief
कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख मनोज पांडे - फोटो : एजेंसी

विस्तार

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि भविष्य में सशस्त्र बलों के सामने खतरे और चुनौतियां और अधिक जटिल होने की संभावना है। भारत को उनका सामना करने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। लद्दाख के द्रास में 24वें कारगिल विजय दिवस के मौके पर समारोह में सेना प्रमुख ने कहा कि सशस्त्र बलों को संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य के लिए तैयारी करनी चाहिए।

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कारगिल युद्ध स्मारक पर संवाददाताओं से कहा कि भविष्य में हमारे सामने खतरे और चुनौतियां जटिल होने की संभावना है, हमें तैयार रहने की जरूरत है। हम प्रतिक्रियाशील प्रक्रियाओं पर काम कर रहे हैं। हमारी सेना सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी-सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बल के रूप में उभरेगी।
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द्रास में 25 महिला बाइक राइडर्स ने कारगिल युद्ध के नायकों को दी श्रद्धांजलि : कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए नई दिल्ली से चला सशस्त्र सेनाओं की महिला टुकड़ी का मोटरसाइकिल दल बुधवार को द्रास पहुंचा। दल ने करीब एक हजार किलोमीटर का अपना सफर पूरा किया।
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राइडर्स ने द्रास में कारगिल युद्ध में अपना सर्वोच्च बलिदान करने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उनकी असाधारण उपलब्धि न केवल बहादुरी की भावना का प्रतीक है, बल्कि देश में महिलाओं के सशक्तिकरण का भी प्रतीक है।

25 सदस्यीय मोटरसाइकिल दल ने यात्रा के दौरान कई कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और युवाओं को सशस्त्र सेनाओं में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित किया। राइडर्स ने विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान युवाओं को परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट जनरल जनरल वाईके जोशी की वीर गाथाएं सुनाईं।

इसके साथ ही कर्नल संजीव सिंह जम्वाल के साथ पाकिस्तानी सेना से युद्ध लड़ने वाले कर्नल राजेश अधाउ की पत्नी दीपाली अधाउ ने युद्ध के किस्से सुनाए। दल को सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने 18 जुलाई को नई दिल्ली से रवाना किया था।


द्रास में रैली को उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हरी झंडी दिखाई। उन्होंने उनकी बहादुरी, उद्देश्य की भावना और राष्ट्र निर्माण में योगदान को सलाम किया।

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