{"_id":"574b00f74f1c1b6229108d5d","slug":"central-govt-cut-fund-of-jammu-and-kashmir","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को मिलने वाली फंडिंग में की कटौती ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को मिलने वाली फंडिंग में की कटौती
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 29 May 2016 08:17 PM IST
विज्ञापन
jammu and kashmir
- फोटो : Demo Pic.
केंद्र की फ्लैगशिप योजनाओं के तहत जम्मू कश्मीर को हर साल मिलने वाली राशि में कटौती हो रही है। राइट टू इनफारमेशन के मांगी गई जानकारी में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट (मनरेगा), प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और समाज कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित की जा रही कल्याणकारी योजनाओं की सालाना फंडिंग के ग्राफ में गिरावट दर्ज हुई है।
विज्ञापन
आरटीआई कार्यकर्ता रमण शर्मा ने भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयाें से ली गई जानकारी का हवाला देते हुए आंकड़ों के साथ इस ट्रेंड की पुष्टि की है। रमण शर्मा के अनुसार ग्रामीण विकास विभाग भारत सरकार के रूरल कनेक्टिविटी डिवीजन ने बताया है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत जम्मू-कश्मीर को वर्ष 2011-12 में 762 करोड़ की फंडिंग की गई।
विज्ञापन
लेकिन वर्ष 2012-13 में यह फंडिंग घटकर 266 करोड़ रह गई। इसके बाद वर्ष 2013-14 में रियासत को 523.24 करोड़, वर्ष 2014-15 में 416.60 करोड़ और वर्ष 2015-16 में यह राशि 488 करोड़ रुपये रही। इस योजना के तहत जम्मू कश्मीर में 250 या इससे अधिक लोगाें की जनसंख्या वाले इलाके को रोड कनेक्टिविटी देने का प्रावधान है। जबकि अन्य अधिकांश राज्यों में जनसंख्या का पैमाना 500 है।
विज्ञापन
Trending Videos
रियासत के कल्याण में केंद्र की दिलचस्पी घटी
इसी तरह से नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम की इंदिरा गांधी नेशनल ओल्ड एज पेंशन स्कीम (आईजीएनओएपीएस), इंदिरा गांधी नेशनल विडो पेेंशन स्कीम (आईजीएनडब्ल्यूपीएस), डिसेबल, सीनियर सिटिजन सहित अन्य योजनाओं के तहत केंद्र ने वर्ष 2014-15 में राज्य को 3453.06 लाख रुपये की फंडिंग की, जबकि वर्ष 2013-14 के दौरान इन योजनाओं के लिए 4173.95 लाख रुपये की राशि दी गई थी। वहीं, 2015-2016 में केंद्र की तरफ से 3435.47 लाख रुपये ही जारी किए गए।
मनरेगा के लिए वर्ष 2014-15 में 52171.08 लाख रुपये जारी किए गए। वर्ष 2015-16 में इसे बढ़ाकर 55801.83 लाख कर दिया गया। वर्ष 2011-12 में यह राशि 78130.96 लाख, वर्ष 2012-13 में 76276.16 लाख और वर्ष 2013-14 में 60315.73 लाख की फंडिंग की गई थी।
पीएमजीएसवाई के लिए फंडिंग
2011-12 762 करोड़
2012-13 266 करोड़
2013-14 523.24 करोड़
2014-15 416.60 करोड़
2015-16 488 करोड़
आईजीएनओएपीएस, आईजीएनडब्ल्यूपीएस सहित अन्य योजनाओं में फंडिंग
2013-14 4173.95 लाख
2014-15 3453.06 लाख
मनरेगा के लिए फंडिंग
2011-12 78130.96 लाख
2012-13 76276.16 लाख
2013-14 60315.73 लाख
2014-15 52171.08 लाख
2015-16 55801.83 लाख
मनरेगा के लिए वर्ष 2014-15 में 52171.08 लाख रुपये जारी किए गए। वर्ष 2015-16 में इसे बढ़ाकर 55801.83 लाख कर दिया गया। वर्ष 2011-12 में यह राशि 78130.96 लाख, वर्ष 2012-13 में 76276.16 लाख और वर्ष 2013-14 में 60315.73 लाख की फंडिंग की गई थी।
पीएमजीएसवाई के लिए फंडिंग
2011-12 762 करोड़
2012-13 266 करोड़
2013-14 523.24 करोड़
2014-15 416.60 करोड़
2015-16 488 करोड़
आईजीएनओएपीएस, आईजीएनडब्ल्यूपीएस सहित अन्य योजनाओं में फंडिंग
2013-14 4173.95 लाख
2014-15 3453.06 लाख
मनरेगा के लिए फंडिंग
2011-12 78130.96 लाख
2012-13 76276.16 लाख
2013-14 60315.73 लाख
2014-15 52171.08 लाख
2015-16 55801.83 लाख