{"_id":"628d46a4a0bb3e67591a5e46","slug":"celibretion-jammu-city-news-jmu260501447","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैदान में रह जाती थी शोहरत, आज घर चलकर आई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैदान में रह जाती थी शोहरत, आज घर चलकर आई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। टेनिस बॉल क्रिकेट मैच में उमरान अपनी रफ्तार से बाजी पलट देते थे। गली क्रिकेट हो या फिर स्थानीय मुकाबले। शोहरत खेल मैदान तक ही सीमित रह जाती। गेंद की रफ्तार से सनसनी मचाने वाले उमरान मंगलवार को जम्मू लौटे तो शोहरत कामयाबी का शोर मचाती हुई घर तक चल कर आई। बाहर युवा और किशोर एक झलक पाने को बेताब थे। उमरान को देख हर कोई सेल्फी लेने की कोशिश में लग गया।
जम्मू-कश्मीर से दूसरे और जम्मू संभाग से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी बने उमरान के गुज्जर नगर स्थित घर के बाहर मंगलवार को आम और खास सभी लोग उमड़ पड़े थे। पहले रिश्तेदार और आम लोग आए। कुछ ही देर में उप राज्यपाल का काफिला पहुंच गया। गौरव से भरे इन पलों में परिवार की आंखें फख्र और सुकून तो बयां कर ही रहीं थीं, पूरे मोहल्ले में जम्मू एक्सप्रेस की शोहरत धूम मचा रही थी। बीसीसीआई की हिदायत पर उमरान ने किसी से खुलकर बात तो नहीं की, लेकिन जो भी मिलने आया उससे आत्मीयता और सादगी से मिलने से गुरेज नहीं किया। फल विक्रेता पिता अब्दुल राशिद मलिक बेटे की कामयाबी के कसीदे पढ़ते फूले नहीं समा रहे थे। वे बताते रहे कि साधारण से परिवार के इस लड़के ने क्रिकेट को खेल से बढ़कर जुनून बनाया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर से दूसरे और जम्मू संभाग से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी बने उमरान के गुज्जर नगर स्थित घर के बाहर मंगलवार को आम और खास सभी लोग उमड़ पड़े थे। पहले रिश्तेदार और आम लोग आए। कुछ ही देर में उप राज्यपाल का काफिला पहुंच गया। गौरव से भरे इन पलों में परिवार की आंखें फख्र और सुकून तो बयां कर ही रहीं थीं, पूरे मोहल्ले में जम्मू एक्सप्रेस की शोहरत धूम मचा रही थी। बीसीसीआई की हिदायत पर उमरान ने किसी से खुलकर बात तो नहीं की, लेकिन जो भी मिलने आया उससे आत्मीयता और सादगी से मिलने से गुरेज नहीं किया। फल विक्रेता पिता अब्दुल राशिद मलिक बेटे की कामयाबी के कसीदे पढ़ते फूले नहीं समा रहे थे। वे बताते रहे कि साधारण से परिवार के इस लड़के ने क्रिकेट को खेल से बढ़कर जुनून बनाया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।
विज्ञापन