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जम्मूः हदबंदी बनी राजनीतिक दलों में असमंजस की वजह, दुविधा...कौन सीट होगी आरक्षित
Mon, 12 Aug 2019 06:21 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 12 Aug 2019 06:21 PM IST
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जम्मू-कश्मीर से अलग हुआ लद्दाख
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद हदबंदी को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं में असमंजस की स्थिति बन गई है। सांबा जिले में दो नए विधानसभा क्षेत्र बनाए जाने की चर्चा चल जोर-शोर से चल रही है। हालांकि एक सीट बढ़ाना तो तय है। अब दुविधा यह है कि अब तक आरक्षित रहा सांबा विधानसभा क्षेत्र आरक्षित रहेगा कि नहीं।
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बताया जा रहा है कि सांबा जिले में घगवाल विधानसभा क्षेत्र अलग बनना लगभग तय है। इसमें सीमावर्ती इलाकों को शामिल किया जाएगा। सांबा जिला मुख्यालय और आसपास का इलाका अलग हो जाएगा। इस स्थिति को देखते हुए विभिन्न पार्टियों के नेताओं में दुविधा यह है कि आरक्षित सीट सांबा होगी या घगवाल।
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ऐसे में विस चुनाव के लिए अभी से प्रचार में जुटना मुश्किल हो गया है। दूसरी तरफ यह भी चर्चा है कि जिले में दो नए विधानसभा सीटें बनेंगी। यह सूचना और दुविधाजनक है। राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं ने बताया कि सभी नेता विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए लोगों के बीच अभी से पहुंचना चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह किस क्षेत्र से शुरुआत करें।
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हदबंदी के फैसले को सभी दलों के नेताओं ने हालांकि स्वागत किया है, लेकिन पसोपेश की स्थिति भी बन गई है। आगामी विस चुनाव के लिए कुछ नेताओं ने जनता के बीच हाजिरी लगानी शुरू कर दी है तो कुछ बिल्कुल शांत होकर बैठ गए हैं। दरअसल, आरक्षित सीटों को लेकर पेंच फंस गया है। राजपूत सभा के जिला प्रधान कैप्टन इंदर सिंह का कहना है कि हदबंदी से सांबा की सीट आरक्षित नहीं रहेगी। इससे सवर्ण जाति के नेताओं को मौका मिलेगा जो कई साल से इसका इंतजार कर रहे थे।