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जम्मू-कश्मीरः पंचायत उपचुनाव का बहिष्कार करने वाले शांत, सुरक्षा एजेंसियों से सीधे संपर्क में डोभाल

Mon, 17 Feb 2020 04:42 PM IST
प्रशांत कुमार संजीव दुबे, जम्मू
संजीव दुबे, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 17 Feb 2020 04:42 PM IST
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Calm who boycott panchayat by election and ajit doval in direct contact with security agencies
सुरक्षा एजेंसियों से सीधे संपर्क में डोभाल - फोटो : अमर उजाला जम्मू, ग्राफिक्स

जम्मू-कश्मीर में पंचायत उपचुनाव का बहिष्कार करने वालों की दाल इस बार गलने वाली नहीं है। बताया जा रहा है कि मजबूत सुरक्षा तंत्र के कारण अलगाववादी संगठनों और आतंकियों के हौंसले पहले ही पस्त हो चुके हैं। वहीं उपराज्यपाल प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक पंचायत उपचुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने की रणनीति बना चुकी है।

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मतदाताओं को मतदान से दूर रखने के लिए धमकी भरे पोस्टर लगाने वालों और पत्थरबाजों पर पिछले तीन महीनों में लगभग अंकुश लगाया जा चुका हैं। इसलिए अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस से लेकर मुख्यधारा की सियासी पार्टियां भी नए जम्मू-कश्मीर में खुलेआम चुनाव बहिष्कार के एलान से कतरा रही हैं।
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सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल प्रदेश में काम कर रही सुरक्षा एजेंसियों से सीधे संपर्क में हैं। पंचायत उपचुनाव को खासतौर से कश्मीर में शांतिपूर्ण और सफल तरीके से करवाने की रणनीति पर नई दिल्ली में बैठक भी हो चुकी हैं।
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चुनाव लड़ने पर विचार कर रही नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी

नई परिस्थितियों में अलगाववादी संगठन कश्मीर घाटी में भी अपनी गतिविधियां सीमित कर चुके हैं। वहीं मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियां नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी भी 2018 की तरह चुनाव बहिष्कार की घोषणा की स्थिति में नहीं हैं।

यही नहीं, पीडीपी का एक बड़ा गुट पार्टी से बगावत कर तीसरे मोर्चा के रूप में उभर रहा हैं। इस धड़े के चुनाव में भाग लेने की संभावना तो हैं ही, दलीय आधार पर चुनाव होने से नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी भी चुनाव लड़ने पर विचार कर रही हैं।

इन पार्टियों को भी लग रहा हैं कि चुनाव बहिष्कार कर जमीनी स्तर से लेकर प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि और खराब होगी।  उल्लेखनीय हैं कि 2018 के पंचायत चुनाव में 33,592 पंचों और 4,290 सरपंचों की सीटों में से चुनाव बहिष्कार के चलते 22,214 पंचों और 3,459 सरपंचों की सीटों पर ही चुनाव हो पाया था।

11,639 पंचों और 1,011 सरपंचों की रिक्त सीटों पर होना हैं चुनाव
पंचायत उपचुनाव में कुल 11,639 पंचों और 1,011 पंचों की रिक्त सीटों पर चुनाव होना हैं। इनमें से कश्मीर संभाग में 11,457 पंचों व 887 सरपंचों की सीटें शामिल हैं। जम्मू संभाग में केवल 182 पंचों और 124 सरपंचों की ही रिक्त सीटें हैं।

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