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मीरां साहिव शिक्षा जोन कार्यलय स्थानतिरत करने पर पंचयात प्रतिरनिधयों ने ताला लगा विरोध किया
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मीरां साहिब। मरालिया पंचायत के गांव कृष्णा नगर में बीस वर्ष से मीरां साहिब जोन शिक्षा कार्यालय को स्थानांतरित करने पर पंचायत प्रतिनिधियों ने ताला जड़ दिया। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग के खिलाफ विरोध जताया।
शिक्षा जोन कार्यालय स्थानांतरित करने पर सोमवार को एक ऑटो में कार्यालय का समान ले जाया जाने लगा। जब इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को मिली तो वे सरपंच अंजूरानी व पंचों के साथ मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों से कार्यालय के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें भी यहां आने पर पता चला है कि कार्यालय स्थानांतरित हो रहा है। सरपंच अंजूरानी, पंच मनमोहन, पंच विरेन्द्र कुमार, पंच रजनीश रामपाल, पंच पीपी सिंह सहित जम्मू-कश्मीर पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा, धर्मेंद्र कुमार आदि ने शिक्षा निदेशक डॉ. रवि शंकर से जानकारी प्राप्त की। शिक्षा निदेशक ने कहा कि मीरां साहिब जोन कार्यालय को स्थानांतरित करने के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। बाद में सरकारी कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य मुसरत जमीर (जोनल शिक्षा अधिकारी का एडिशनल चार्ज) ने कहा कि गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल व मिडिल स्कूल में जोन का कार्यालय काफी समय से और स्कूल का भवन अनसेफ होने पर दूसरे स्थानांतरित कर बच्चों की कक्षाएं लगाने के लिए करना था। अगर पंचायत प्रतिनिधि व स्थानीय लोग नहीं चाहते तो जोनल कार्यालय यहीं रहेगा।
जम्मू-कश्मीर पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि मीरां साहिब जोनल शिक्षा अधिकारी के तौर पर एडिशन चार्ज होने पर मुसरत जमीर को निदेशक को बिना अवगत कराए कार्यालय स्थानांतरित करने अधिकार नहीं है। उन्होंने मनमानी करने का प्रयास किया, जिसकी शिक्षा विभाग जांच करेे। उन्होंने कहा कि यही नहीं जोनल कार्यालय में नियुक्त कर्मियों को भी पहले कोई जानकारी नहीं दी गई। मरालिया पंचायत की सरपंच अंजूरानी ने कहा कि गांव की पंचायत को अवगत कराने के बाद ही कार्यालय स्थानांतरित करना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया। जिस प्रकार ऑटो पर लोड कर सामान ले जाया गया, उसे देखते हुए पंचायत के प्रतिनिधियों ने कार्यालय में ताला जड़ा।
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शिक्षा जोन कार्यालय स्थानांतरित करने पर सोमवार को एक ऑटो में कार्यालय का समान ले जाया जाने लगा। जब इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को मिली तो वे सरपंच अंजूरानी व पंचों के साथ मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों से कार्यालय के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें भी यहां आने पर पता चला है कि कार्यालय स्थानांतरित हो रहा है। सरपंच अंजूरानी, पंच मनमोहन, पंच विरेन्द्र कुमार, पंच रजनीश रामपाल, पंच पीपी सिंह सहित जम्मू-कश्मीर पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा, धर्मेंद्र कुमार आदि ने शिक्षा निदेशक डॉ. रवि शंकर से जानकारी प्राप्त की। शिक्षा निदेशक ने कहा कि मीरां साहिब जोन कार्यालय को स्थानांतरित करने के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। बाद में सरकारी कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य मुसरत जमीर (जोनल शिक्षा अधिकारी का एडिशनल चार्ज) ने कहा कि गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल व मिडिल स्कूल में जोन का कार्यालय काफी समय से और स्कूल का भवन अनसेफ होने पर दूसरे स्थानांतरित कर बच्चों की कक्षाएं लगाने के लिए करना था। अगर पंचायत प्रतिनिधि व स्थानीय लोग नहीं चाहते तो जोनल कार्यालय यहीं रहेगा।
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जम्मू-कश्मीर पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि मीरां साहिब जोनल शिक्षा अधिकारी के तौर पर एडिशन चार्ज होने पर मुसरत जमीर को निदेशक को बिना अवगत कराए कार्यालय स्थानांतरित करने अधिकार नहीं है। उन्होंने मनमानी करने का प्रयास किया, जिसकी शिक्षा विभाग जांच करेे। उन्होंने कहा कि यही नहीं जोनल कार्यालय में नियुक्त कर्मियों को भी पहले कोई जानकारी नहीं दी गई। मरालिया पंचायत की सरपंच अंजूरानी ने कहा कि गांव की पंचायत को अवगत कराने के बाद ही कार्यालय स्थानांतरित करना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया। जिस प्रकार ऑटो पर लोड कर सामान ले जाया गया, उसे देखते हुए पंचायत के प्रतिनिधियों ने कार्यालय में ताला जड़ा।
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