{"_id":"5c4d67d5bdec220c1b13f0dd","slug":"bus-turtles-dayala-chak-jammu-gujrat-family-was-in-the-bus","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जम्मू: बाइक वाले को बचाने के चक्कर में पलटी बस, 50 लोग थे सवार, दो की मौत, अन्य घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू: बाइक वाले को बचाने के चक्कर में पलटी बस, 50 लोग थे सवार, दो की मौत, अन्य घायल
Sun, 27 Jan 2019 01:42 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 27 Jan 2019 01:42 PM IST
विज्ञापन
बस हादसा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी बस कठुआ जिले में नेशनल हाईवे पर दयालाचक में हादसे का शिकार हो गई। इसमें दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 25 घायल हो गए। घायलों को हीरानगर उप जिला अस्पताल से जीएमसी जम्मू रेफर किया गया है। बस में करीब 43 यात्री सवार थे। सभी एक ही परिवार और आस पड़ोस के रहने वाले हैं।
सभी यात्री वैष्णो देवी के दर्शन कर अमृतसर के गोल्डन टेंपल और बाघा बार्डर घूमने जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सामने बाइक के आने पर चालक नियंत्रण खो दिया और हादसा हो गया। मृतकों में रमीला बेन (50) पत्नी नरेश भाई और मीना बेन (20) पत्नी पीयूष दोनों निवासी सूरत, गुजरात शामिल हैं। रमीला परिवार के साथ अमेरिका रह रही थी। मीना भी अपने परिवार के साथ साउथ अफ्रीका में रह रही थी।
घायलों में सूरत निवासी हितेश, भक्ति बेन, बसंती, पियूष भाई, जयेश भाई, बिन्नी, बलवंत भाई, प्रतिभा, विकास, चंपा बेन, धनखुश भाई, रवि, धर्मी, हेमांगी बेन, मिनेश, कैलाश बेन, उर्मिला, अल्पा, जयंती पटेल, रोमिला, किरन कुमार, रागनी शामिल हैं। ये सभी जीएमसी में भर्ती हैं। अन्य का हीरानगर अस्पताल में भी उपचार जारी है। घायलों में ज्यादातर की स्थिति गंभीर है। जीएमसी के डॉक्टरों के मुताबिक 14 से ज्यादा घायलों को हेड इंजरी, फैक्चर व अन्य गंभीर चोट आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सभी यात्री वैष्णो देवी के दर्शन कर अमृतसर के गोल्डन टेंपल और बाघा बार्डर घूमने जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सामने बाइक के आने पर चालक नियंत्रण खो दिया और हादसा हो गया। मृतकों में रमीला बेन (50) पत्नी नरेश भाई और मीना बेन (20) पत्नी पीयूष दोनों निवासी सूरत, गुजरात शामिल हैं। रमीला परिवार के साथ अमेरिका रह रही थी। मीना भी अपने परिवार के साथ साउथ अफ्रीका में रह रही थी।
विज्ञापन
घायलों में सूरत निवासी हितेश, भक्ति बेन, बसंती, पियूष भाई, जयेश भाई, बिन्नी, बलवंत भाई, प्रतिभा, विकास, चंपा बेन, धनखुश भाई, रवि, धर्मी, हेमांगी बेन, मिनेश, कैलाश बेन, उर्मिला, अल्पा, जयंती पटेल, रोमिला, किरन कुमार, रागनी शामिल हैं। ये सभी जीएमसी में भर्ती हैं। अन्य का हीरानगर अस्पताल में भी उपचार जारी है। घायलों में ज्यादातर की स्थिति गंभीर है। जीएमसी के डॉक्टरों के मुताबिक 14 से ज्यादा घायलों को हेड इंजरी, फैक्चर व अन्य गंभीर चोट आई है।
विज्ञापन
बस ड्राइवर की लापरवाही, फरार
घायल जयंती ने बताया कि हम सभी ने जम्मू से प्राइवेट बस जेके 02 सीबी 1854 को घूमने के लिए बुक किया था। ड्राइवर पिछले दो दिन से लापरवाही से बस चला रहा है। उसे कई बार टोका भी था। सुबह करीब 10 बजे एक बाइक चालक सामने आ गया। बस तेज रफ्तार में थी, ऐसे में तेज कट मारने के चक्कर में बस पलट गई। बस ड्राइवर फरार है। कठुआ पुलिस ने 279, 337 आरपीसी के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
घरवालों को हाल बताने के लिए तरसते रहे घायल
सूरत निवासी अधिकतर घायलों के मोबाइल सिम जम्मू-कश्मीर में आकर काम करना बंद कर चुके थे। घायल जयंती (48) के मुताबिक कुछ ही लोगों के पोस्ट पेड मोबाइल सिम काम कर रहे थे, लेकिन हादसे के बाद सभी इधर-उधर हो गए। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती जयंती के आसपास किसी घायल मरीज का मोबाइल सिम काम नहीं कर रहा था। ऐसे में वह अपने परिवार वालों को यहां के हालात नहीं बता पा रहे थे।
कुछ घायलों ने अधिकारियों से गुहार लगाई कि उन्हें जम्मू को सिम दिला दिया जाए ताकि वह अपने परिवार वालों के संपर्क में रह सकें। अधिकारियों ने एक-दो सिम दिलाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, उम्मीद में बैठे घायलों को शाम तक कोई सिम नहीं मिला था। ऐसे में उन्होंने अस्पताल आए जम्मू के लोगों के मोबाइल से वाईफाई सुविधा लेकर व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से परिवार से संपर्क साधा।
कुछ घायलों ने अधिकारियों से गुहार लगाई कि उन्हें जम्मू को सिम दिला दिया जाए ताकि वह अपने परिवार वालों के संपर्क में रह सकें। अधिकारियों ने एक-दो सिम दिलाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, उम्मीद में बैठे घायलों को शाम तक कोई सिम नहीं मिला था। ऐसे में उन्होंने अस्पताल आए जम्मू के लोगों के मोबाइल से वाईफाई सुविधा लेकर व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से परिवार से संपर्क साधा।
घायलों को बाई एयर भेजने की है तैयारी : जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह घायलों को देखने के लिए शाम को जीएमसी पहुंचे। उन्होंने सभी घायलों से हालचाल पूछा और हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सिंह ने कहा कि गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए बाई एयर अलग-अलग जगह भेजने की तैयारी की जा रही है। सिंह ने प्रशासन और डॉक्टरों के बेहतर प्रबंधन को भी सराहा। ब्यूरो