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Jammu News: 45 साल से चहारदीवारी का इंतजार, शिक्षा के मंदिर में सुरक्षा पर सवाल
Mon, 20 Jan 2025 01:58 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 20 Jan 2025 01:58 AM IST
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अरनिया में बिना चहारदीवारी के सरकारी प्राइमरी स्कूल जगतू चक। संवाद
- फोटो : arnia
स्कूल परिसर बना पशुओं का अड्डा, बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई प्रभावित
अरनिया। जगतू चक के सरकारी प्राइमरी स्कूल को बने हुए 45 साल हो चुके हैं, लेकिन चहारदीवारी का निर्माण आज तक नहीं हो पाया। स्कूल में पशुओं का बेरोकटोक आना-जाना और सांप-बिच्छू जैसे खतरनाक जीवों की मौजूदगी बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है।
पांच कनाल पांच मरले में फैले इस स्कूल में 15 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी और चहारदीवारी न होने से अभिभावकों का विश्वास डगमगा रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पिछले साल स्कूल की चहारदीवारी का 15 लाख रुपए का अनुमान बनाकर भेजा गया था। मगर शिक्षा विभाग ने अब तक निर्माण कार्य की मंजूरी नहीं दी है। सरकारी योजनाओं में मुद्दा बार-बार उठाए जाने के बावजूद निर्माण कार्य सिर्फ कागजों तक सिमट गया है।
बच्चों के भविष्य और सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
माल-मवेशियों की आमद : स्थानीय लोग स्कूल परिसर में जानवर बांध देते हैं।
सांप-बिच्छुओं का खतरा : गर्मियों में जहरीले जीवों की उपस्थिति बच्चों को असुरक्षित महसूस कराती है।
ध्यान भटकाने वाले कारक : सड़क किनारे होने से गाड़ियों का शोर पढ़ाई पर असर डालता है।
स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की अनदेखी ने इस स्कूल को विकास कार्यों से वंचित रखा है।
सरकारी आयोजनों में सिर्फ विकास कार्यों की खानापूर्ति होती है। शिक्षा के मंदिर की चहारदीवारी अब तक नहीं हो पाई है। ऐसा कोई भी सरकारी कार्यक्रम नहीं गया है, जिसमें स्कूल की चहारदीवारी का मुद्दा नहीं उठाया होगा।रवि सिंह, पूर्व उप सरपंच जगतू चक
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चहारदीवारी न होने से स्कूल में गंदगी का आलम है। बेरोकटोक जानवर स्कूल के अंदर घुस जाते हैं। शिक्षा के मंदिर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संवाद
योगराज, चौकीदार गांव जगतू चक
स्कूल की चहारदीवारी का प्लान पिछले साल बनाकर भेजा गया था। इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। अरनिया जोन के तहत सिर्फ इसी स्कूल की चहारदीवारी नहीं है।
सुभाष चंद्र, जोनल शिक्षा अधिकारी अरनिया
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अरनिया। जगतू चक के सरकारी प्राइमरी स्कूल को बने हुए 45 साल हो चुके हैं, लेकिन चहारदीवारी का निर्माण आज तक नहीं हो पाया। स्कूल में पशुओं का बेरोकटोक आना-जाना और सांप-बिच्छू जैसे खतरनाक जीवों की मौजूदगी बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है।
पांच कनाल पांच मरले में फैले इस स्कूल में 15 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी और चहारदीवारी न होने से अभिभावकों का विश्वास डगमगा रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पिछले साल स्कूल की चहारदीवारी का 15 लाख रुपए का अनुमान बनाकर भेजा गया था। मगर शिक्षा विभाग ने अब तक निर्माण कार्य की मंजूरी नहीं दी है। सरकारी योजनाओं में मुद्दा बार-बार उठाए जाने के बावजूद निर्माण कार्य सिर्फ कागजों तक सिमट गया है।
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बच्चों के भविष्य और सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
माल-मवेशियों की आमद : स्थानीय लोग स्कूल परिसर में जानवर बांध देते हैं।
सांप-बिच्छुओं का खतरा : गर्मियों में जहरीले जीवों की उपस्थिति बच्चों को असुरक्षित महसूस कराती है।
ध्यान भटकाने वाले कारक : सड़क किनारे होने से गाड़ियों का शोर पढ़ाई पर असर डालता है।
स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की अनदेखी ने इस स्कूल को विकास कार्यों से वंचित रखा है।
सरकारी आयोजनों में सिर्फ विकास कार्यों की खानापूर्ति होती है। शिक्षा के मंदिर की चहारदीवारी अब तक नहीं हो पाई है। ऐसा कोई भी सरकारी कार्यक्रम नहीं गया है, जिसमें स्कूल की चहारदीवारी का मुद्दा नहीं उठाया होगा।रवि सिंह, पूर्व उप सरपंच जगतू चक
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चहारदीवारी न होने से स्कूल में गंदगी का आलम है। बेरोकटोक जानवर स्कूल के अंदर घुस जाते हैं। शिक्षा के मंदिर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संवाद
योगराज, चौकीदार गांव जगतू चक
स्कूल की चहारदीवारी का प्लान पिछले साल बनाकर भेजा गया था। इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। अरनिया जोन के तहत सिर्फ इसी स्कूल की चहारदीवारी नहीं है।
सुभाष चंद्र, जोनल शिक्षा अधिकारी अरनिया