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Jammu News: दिन में मवेशियों को खिला रहे चारा, रात शिविर में बीत रही
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आरएस पुरा। पाकिस्तान की हिमाकत से आरएस पुरा के अधिकतर सीमावर्ती गांवों के लोग राहत शिविरों और सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं। सीमांत गांव अब्दुल्लिया, चंदू चक लाइयां, सुचेतगढ़ के ग्रामीण शुक्रवार को अपने-अपने घर पहुंचे और पशुओं के लिए चारे का प्रबंध किया और शाम को फिर शिविर में लौट गए।
ग्रामीण रतन लाल ने बताया कि बीती रात क्षेत्र में धमाकों की बड़ी आवाज आई। उस दौरान वह परिवार के साथ थे। कहा कि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। न जाने कब गोलाबारी कर दे। सरदारी लाल ने बताया कि परिवार को तो रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है, मगर मवेशी घर पर ही हैं। उन्हें साथ रख पाना मुश्किल बना हुआ है। शिविर में रहने व खाने की व्यवस्था है, पर घर, घर ही होता है। फिर भी हम मुश्किल झेल लेंगे, मगर पाकिस्तान को अच्छे से सबक सिखाना जरूरी है। सुचेतगढ़ के जागर चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान को इस बार कड़ा सबक सिखाया जाए, ताकि रोज-रोज हो रही परेशानियों से सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों राहत मिल सके।
वहीं, प्रशासन ने 15 स्थानों पर शिविर स्थापित किया है। करीब 200 ग्रामीण शिविरों मेंं ठहरे हुए हैं। संवाद
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ग्रामीण रतन लाल ने बताया कि बीती रात क्षेत्र में धमाकों की बड़ी आवाज आई। उस दौरान वह परिवार के साथ थे। कहा कि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। न जाने कब गोलाबारी कर दे। सरदारी लाल ने बताया कि परिवार को तो रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है, मगर मवेशी घर पर ही हैं। उन्हें साथ रख पाना मुश्किल बना हुआ है। शिविर में रहने व खाने की व्यवस्था है, पर घर, घर ही होता है। फिर भी हम मुश्किल झेल लेंगे, मगर पाकिस्तान को अच्छे से सबक सिखाना जरूरी है। सुचेतगढ़ के जागर चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान को इस बार कड़ा सबक सिखाया जाए, ताकि रोज-रोज हो रही परेशानियों से सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों राहत मिल सके।
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वहीं, प्रशासन ने 15 स्थानों पर शिविर स्थापित किया है। करीब 200 ग्रामीण शिविरों मेंं ठहरे हुए हैं। संवाद