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Jammu: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक रहीं जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित किताबें, बीते साल एलजी प्रशासन ने लगाई थी रोक
Mon, 06 Jul 2026 07:36 AM IST
Digvijay Singh
प्रवेश कुमारी, जम्मू, अमर उजाला
प्रवेश कुमारी, जम्मू, अमर उजाला
Published by: Digvijay Singh
Updated Mon, 06 Jul 2026 07:36 AM IST
सार
जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित किताबें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर धड़ल्ले से बिक रही हैं। जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने और आतंक को महिमामंडित करने के नाम पर जिन 25 किताबों को बैन किया गया था और वे आज भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सर्वसुलभ हैं।
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बिक रही प्रतिबंधित किताबें
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित किताबें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर धड़ल्ले से बिक रही हैं। जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने और आतंक को महिमामंडित करने के नाम पर जिन 25 किताबों को बैन किया गया था और वे आज भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सर्वसुलभ हैं। बीते साल ये किताबें प्रदेश भर में बवाल का सबब बनी थीं।
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आरोप था कि इन किताबों के जरिये आतंकवाद को महिमामंडित किया गया, अलगाववाद को बढ़ावा दिया गया और इनसे भारत की एकता और अखंडता को खतरा है। इनमें सीमा काजी की बिटवीन डेमोक्रेसी एंड नेशन-कश्मीर में जेंडर और मिलिटराइजेशन थी तो एस्सार बतूल एवं अन्य की लिखी डू यू रिमेम्बर कुनन पोशपोरा भी। मोहम्मद यूसुफ सराफ की कश्मीर्स फाइट फॉर फ्रीडम थी तो हफ्सा कंजवाल की कॉलोनाइजिंग कश्मीर: स्टेट-बिल्डिंग अंडर इंडियन ऑक्यूपेशन भी।
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चौतरफा विरोध के बीच एलजी प्रशासन ने इन किताबों पर प्रतिबंध लगा दिया था। पांच अगस्त, 2025 को जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकार भारती की ओर से एक आदेश निकाला गया था। इसके जरिये इन 25 किताबों का प्रकाशन, बिक्री और वितरण प्रतिबंधित कर दिया गया।
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अब मकबूल भट को शहीद बताने वाली किताब का मामला सामने आने के बाद अमर उजाला ने बीते साल प्रतिबंधित किताबों की हकीकत जानने की कोशिश की तो उनके पाठकों तक आसानी से ऑनलाइन पहुंचने का सच सामने आया। साफ है कि इन्हें पाना इतना आसान है कि आपको किसी दुकान तक जाने की जरूरत भी नहीं। बस ऑर्डर कीजिए और घर बैठे किताब आप तक पहुंच जाएगी।
इन किताबों पर लगाया गया था बैन
| किताब का नाम | लेखक का नाम |
|---|---|
| बिटवीन डेमोक्रेसी एंड नेशन: कश्मीर में जेंडर और मिलिटराइजेशन | सीमा काजी |
| ह्यूमन राइट्स वायलेशन इन कश्मीर | पियोट्र बाल्सेरोविज़ एवं एग्निज्का कुस्जेवस्का |
| कश्मीर पॉलिटिक्स एंड प्लेबिसाइट | डॉ. अब्दुल जब्बार गोखमी |
| डू यू रिमेम्बर कुनन पोशपोरा | एस्सार बतूल एवं अन्य |
| मुजाहिद की अजान | इमाम हसन अल-बाना शहीद |
| अल-जिहादुल फिल इस्लाम | मौलाना मौदूदी |
| इंडिपेंडेंट कश्मीर | क्रिस्टोफर स्नेडेन |
| कॉन्टेस्टेड लैंड्स | सुमंत्र बोस |
| इन सर्च ऑफ फ्यूचर: कश्मीर की कहानी | डेविड देवदास |
| कश्मीर इन कॉन्फ्लिक्ट (इंडिया, पाकिस्तान एंड द अनएंडिंग) | विक्टोरिया स्कोफील्ड |
| द कश्मीर डिस्प्यूट 1947–2012 | ए. जी. नूरानी |
| कश्मीर एट द क्रॉस रोड्स (इनसाइड ए 21st सेंचुरी कॉन्फ्लिक्ट) | सुमंत्र बोस |
| ए डिसमेंटल्ड स्टेट (द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ कश्मीर आफ्टर आर्टिकल 370) | अनुराधा भसीन |
| रेसिस्टिंग डिसअपीयरेंस (मिलिट्री ऑक्यूपेशन एंड विमेन्स एक्टिविज्म इन कश्मीर) | अतहर जिया |
| कॉन्फ्रंटिंग टेररिज्म | स्टीफन कोहेन |
| फ्रीडम कैप्टिविटी (नेगोशिएशन्स ऑफ बिलॉन्गिंग अलॉन्ग कश्मीर फ्रंटियर) | राधिका गुप्ता |
| कश्मीर (द केस फॉर फ्रीडम) | तारिक अली, हिलाल भट्ट, अंगना पी. चटर्जी, पंकज मिश्रा एवं अरुंधति रॉय |
| आजादी | अरुंधति रॉय |
| यूएएस और कश्मीर | डॉ. शमशाद शान |
| तारीख-ए-सियासत कश्मीर | डॉ. अफाक |
| कश्मीर एंड द फ्यूचर ऑफ साउथ एशिया | डॉ. अफाक |