तीन दिनों तक एयरपोर्ट पर पड़ा रहा शहीद का शव
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(फोटो-सोशल मीडिया से)
शहीद का शव एयरलिफ्ट करने में सरकार की विफलता के विरोध में कांग्रेस सदस्यों ने बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा किया।
कांग्रेसी विधायकों ने आरोप लगाया कि आतंकी हमले में शहीद तीन दिनों तक एयरपोर्ट पर पड़ा रहा और सरकार ने शहीद के परिवार तक लद्दाख में शव को भेजने का कोई इंतजाम नहीं किया।
भारी हंगामे के क्रम में स्पीकर ने सदस्यों को शांत करने की कोशिश की। कांग्रेसी विधायक वेल में आकर विरोध जता रहे थे। बाद में सरकार के उत्तर से असंतुष्ट कांग्रेसी सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।
तीन दिन पहले शोपियां में आतंकी हमले में लेह के एक पुलिस जवान शहीद हो गए थे। कांग्रेस विधायक दल के नेता नवांग रिगजिन जोरा ने कहा तीन दिन बीत गए लेकिन सरकार शहीद के शव को उसके घर तक पहुंचाने का इंतजाम नहीं कर सकी।
उन्होंने कहा कि सरकार की पहल के अभाव में शहीद के शहीद के परिवार वालों ने अब शव के एयरलिफ्ट किए जाने की व्यवस्था की कोशिश शुरू की है।
शहीद के परिवार वालों को हवाई टिकट खरीदने को कहा
जोरा ने आरोप लगाया कि शहीद के परिवार वालों को हवाई टिकट खरीदने को कहा गया ताकि शव को घर तक ले जा सकें। यह शहीदों के प्रति सरकार के उपेक्षा भाव को दर्शाता है। यह सरकार की संवेदनहीनता है।
आतंकी हमले में शहीद हुए जवान का परिवार तीन दिनों से उनके शव की प्रतीक्षा कर रहा है। जोरा के अलावा उस्मान मजीद, विकार रसूल और अन्य विधायकों ने वेल में हंगामा किया। समाज कल्याण मंत्री बाली भगत ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि खराब मौसम के कारण हेलीकाप्टर सुविधा में दिक्कत हुई थी।
शहीद का शव बुधवार को ही उनके घर तक पहुंचाया जाएगा। अगर उनके परिवार के लोगों ने टिकट खरीदे हैं तो सरकार वह राशि वापस कर देगी।
सहकारिता और लद्दाख मामलों के मंत्री छेरिंग दोरजे ने बाद में श्रीनगर से शहीद के शव के साथ लेह गए। पु्लिस जवान शबीर हुसैन शोपियां में आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। मंत्री ने शहीद के परिवार वालों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।