अमरनाथ आंदोलनकारियों के साथ खड़ी हुई भाजपा, जानें क्या है वजह?
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कश्मीर हिंसा पीड़ितों को आर्थिक सहायता तथा पुनर्वास पैकेज की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की ओर से घोषणा के बाद भाजपा ने अमरनाथ आंदोलनकारियों के लिए बैटिंग शुरू कर दी है। विधानसभा अध्यक्ष ने आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवार को मुआवजा देने के साथ ही परिवार के सदस्य को नौकरी देने के सरकार को निर्देश दिए हैं।
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि 2008 के अमरनाथ आंदोलन के दौरान 12 लोग मारे गए थे। एक की आंख की रोशनी चली गई है। उन्होंने कहा कि 2008 और 2010 की कश्मीर हिंसा के लिए जिस प्रकार से प्रभावित लोगों को मुआवजा और पुनर्वास की घोषणा की गई है, उसी तर्ज पर अमरनाथ आंदोलनकारियों के परिवार को भी सहायता दी जाए।
भाजपा के अन्य सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता ने निर्देश दिए कि अमरनाथ भूमि आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवार को सरकार मुआवजा तथा नौकरी दें, ताकि उनका पुनर्वास हो सके। साथ ही तिरंगा यात्रा के दौरान जिन लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, उन्हें हटाने की भी प्रक्रिया शुरू की जाए।
निर्मल सिंह ने दिया पुनर्वास पैकेज पर विचार करने का आश्वासन
इससे पहले पत्रकारों से बात करते हुए डिप्टी सीएम निर्मल सिंह ने कहा कि सरकार 2008 के अमरनाथ भूमि आंदोलन के प्रभावितों को मुआवजा तथा अन्य पुनर्वास पैकेज पर विचार करेगी। साथ ही इन पर दर्ज मुकदमे हटाने के लिए भी कोशिश होगी। सूत्रों के अनुसार इस मुद्दे को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात भी की है।
विधानसभा में स्पीकर के खिलाफ विपक्षी सदस्यों के हंगामे के दौरान डिप्टी सीएम निर्मल सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि स्पीकर की कुर्सी पर उंगली उठाना उचित नहीं है। यह कहना कि वह आरएसएस के हैं, उचित नहीं हैं।
यदि कहीं कोई दिक्कत हुई है तो उसका समाधान किया जाए। वह भी आरएसएस के हैं। अध्यक्ष जैसी संवैधानिक कुर्सी के खिलाफ नारेबाजी सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं है।