पार्टियों के पिटारे से नहीं निकल रहा सरकार का जिन्न
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर में सरकार का जिन्न विभिन्न राजनीतिक दलों के पिटारे से बाहर ही नहीं निकल रहा है। गठन पर पसरी सियासी धुंध से बनी असमंजस की स्थिति फिलहाल साफ होते नहीं दिख रही है।
सीटों के मामले में नंबर वन पार्टी पीडीपी हो या फिर नंबर टू पार्टी भाजपा के अलावा तीसरे और चौथे नंबर की पार्टियां नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस संकेतों के अलावा पत्ते नहीं खोल रही हैं। इस वजह से सरकार गठन में अभी समय लग सकता है।
पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता र्नईम अख्तर ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि सरकार गठन के लिए भाजपा समेत अन्य दलों से अनौपचारिक बातचीत जारी है। जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं होगा। गठबंधन पर निर्णय में समय लग सकता है। विभिन्न स्तर पर अनौपचारिक बातचीत जारी है।
यह सवाल कि बातचीत किस स्तर तक पहुंच चुकी है, के जवाब में र्नईम का कहना है कि फिलहाल बातचीत ऐसी स्थिति में नहीं पहुंची है कि उसका खुलासा किया जा सके।
अमित शाह गठबंधन पर निर्णय लेने को अधिकृत
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को गठबंधन पर निर्णय लेने को अधिकृत किया हुआ है। शाह की देखरेख में राष्ट्रीय नेता विभिन्न दलों से चर्चा कर रहे हैं।
उम्मीद है कि जल्द ही वार्ता के परिणाम सामने आएंगे। जम्मू कश्मीर में भाजपा की सरकार में भागीदारी होगी, इसका पार्र्टी को विश्वास है।
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज का कहना है कि पीडीपी को तय करना है कि उसे किस पार्टी के साथ गठबंधन करना है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है तो पीडीपी के कदम के बाद पार्टी रुख स्पष्ट कर देगी।
पार्टी पीडीपी को समर्थन की बात नतीजों के बाद से ही कर चुकी है। वहीं नेशनल कांफ्रेंस के नेता लंदन से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।