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जम्मू-कश्मीर में भाजपा मंत्रियों ने गाड़ी से उतारी लाल बत्ती
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी
Updated Fri, 21 Apr 2017 02:16 PM IST
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लालबत्ती हटाता कर्मी
- फोटो : Amar Ujala
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद भाजपा मंत्रियों ने अपने वाहनों से लालबत्ती उतार दी। पीडीपी के मंत्रियों ने फिलहाल बत्ती नहीं उतारी है। इनका कहना है कि कैबिनेट की बैठक में इस मसले पर फैसला होने के बाद कोई कदम उठाया जाएगा। हालांकि, रियासत के डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह ने कहा कि एक मई से पूरी रियासत में यह फैसला लागू होगा।
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वीरवार को सचिवालय पहुंचे सभी मंत्रियों के वाहन से लाल बत्ती हटी हुई थी। हूटर का सायरन भी नहीं बज रहा था। सचिवालय की पार्किंग में मंत्रियों के वाहनों से लाल बत्ती हटने की जानकारी मिलते ही सचिवालय कर्मचारियों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभी लोग इसकी चर्चा करते दिखे।
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डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह ने कहा कि रियासती सरकार भी केंद्र सरकार की तरह ही इस फैसले को लागू करेगी। कश्मीर में भी यह व्यवस्था प्रभावी होगी। हालांकि, यह फैसला एक मई से लागू होना है, लेकिन भाजपा के मंत्रियों ने बुधवार से ही इसे लागू कर दिया है।
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'प्रधानमंत्री का यह फैसला स्वागत योग्य'
सरकारी गाड़ियों से हटी लालबत्ती
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का यह फैसला स्वागत योग्य है। प्रधानमंत्री ने पहले ही कहा था कि वे जनता के सेवक हैं। उन्होंने यह कदम उठाकर इसे साबित भी कर दिया है। दरअसल इसे लोग स्टेटस सिंबल के रूप में देखते थे। यह मंत्रियों के खास होने की भावना को भी दर्शाता था। लाल बत्ती उपनिवेशवादी व्यवस्था को दर्शाता है।
67 साल की आजादी में लोकतंत्र मजबूती की ओर बढ़ रहा है। यह कदम भी उसी दिशा में है। यह पूछे जाने पर कि पीडीपी के मंत्रियों ने कहा है कि कैबिनेट की बैठक के बाद इस पर कोई फैसला होगा तो उन्होंने कहा कि इसका कानूनी पक्ष क्या है यह देखना होगा। लेकिन यह मामला राज्य के विशेष दर्जे के आड़े नहीं आता है।
67 साल की आजादी में लोकतंत्र मजबूती की ओर बढ़ रहा है। यह कदम भी उसी दिशा में है। यह पूछे जाने पर कि पीडीपी के मंत्रियों ने कहा है कि कैबिनेट की बैठक के बाद इस पर कोई फैसला होगा तो उन्होंने कहा कि इसका कानूनी पक्ष क्या है यह देखना होगा। लेकिन यह मामला राज्य के विशेष दर्जे के आड़े नहीं आता है।